Punjab News: 1 जून 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इनमें सबसे अहम निर्णय चुनाव विभाग के सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी देना रहा। राज्य सरकार का मानना है कि इस बदलाव से आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारियों को और मजबूत बनाया जा सकेगा तथा चुनाव संबंधी कार्यों को अधिक प्रभावी और सुचारू तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
सरकार के अनुसार यह फैसला चुनाव विभाग में लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक समस्याओं को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सकेगा और विभाग में खाली पड़े महत्वपूर्ण पदों को भरने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने जल संसाधन विभाग की वर्ष 2025-26 की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट को भी मंजूरी प्रदान की।
चुनाव विभाग के सेवा नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन
मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत संशोधन के तहत चुनाव कानूनगो से चुनाव तहसीलदार पद पर पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव की अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 12 वर्ष कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है ताकि विभाग में रिक्त पदों को जल्द भरा जा सके।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार चुनाव विभाग में चुनाव तहसीलदार के सात पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। आगामी विधानसभा चुनावों और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को देखते हुए इन पदों को भरना बेहद जरूरी हो गया था। ऐसे में सेवा नियमों में संशोधन कर पदोन्नति प्रक्रिया को आसान बनाने का निर्णय लिया गया।
रिक्त पदों के कारण आ रही थी प्रशासनिक परेशानी
अब तक लागू नियमों के अनुसार चुनाव तहसीलदार बनने के लिए 15 वर्षों का अनुभव आवश्यक था। लेकिन वर्तमान में कार्यरत चुनाव कानूनगो में से कोई भी इस शर्त को पूरा नहीं कर रहा था। यही कारण था कि विभाग में पदोन्नति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी और कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हुए थे।
इस समस्या को दूर करने के लिए विभाग ने अनुभव सीमा को 15 वर्ष से घटाकर 12 वर्ष करने का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा था। मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे अब योग्य चुनाव कानूनगो पदोन्नति के लिए पात्र हो सकेंगे और विभाग में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
चुनावी तैयारियों को मिलेगा मजबूती का आधार
सरकार का मानना है कि चुनाव विभाग में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध होना निष्पक्ष और सुचारू चुनाव प्रक्रिया के लिए बेहद जरूरी है। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का कार्य लगातार जारी है और आने वाले समय में पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारियां भी तेज होंगी। ऐसे में चुनाव तहसीलदारों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है।
नए संशोधन के बाद विभाग को आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा, जिससे चुनाव संबंधी सभी कार्य समय पर पूरे किए जा सकेंगे। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और चुनाव प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट को भी मिली स्वीकृति
मंत्रिमंडल की बैठक में चुनाव विभाग से जुड़े फैसले के अलावा जल संसाधन विभाग की वर्ष 2025-26 की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट को भी मंजूरी दी गई। यह रिपोर्ट विभाग के पूरे वर्ष के कार्यों, उपलब्धियों और प्रशासनिक गतिविधियों का विस्तृत दस्तावेज होती है।
सरकार के अनुसार इस रिपोर्ट की स्वीकृति से विभागीय कार्यों की समीक्षा, उपलब्धियों के मूल्यांकन और भविष्य की योजनाओं के निर्माण में सहायता मिलेगी। साथ ही इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूती मिलेगी।
प्रशासनिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
पंजाब सरकार का यह निर्णय चुनाव विभाग की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। रिक्त पदों को भरने से चुनावी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, जबकि जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट को मंजूरी देकर सरकार ने विभागीय कार्यों के मूल्यांकन और बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह फैसला राज्य की चुनावी तैयारियों के लिए अहम माना जा रहा है।
