Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के सबसे व्यस्त और जाम प्रभावित इलाकों में शामिल तिलपता गोलचक्कर को जल्द ही ट्रैफिक जाम की समस्या से स्थायी राहत मिल सकती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण दादरी-सूरजपुर-छलेरा (DSC) मार्ग पर तिलपता गोलचक्कर के पास लगभग 5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाने की योजना तैयार कर रहा है। इस परियोजना को लेकर प्राधिकरण ने प्रारंभिक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है और जल्द ही इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी।
यह योजना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि आने वाले समय में इस क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में एलिवेटेड रोड को तिलपता में जाम की समस्या का स्थायी समाधान माना जा रहा है। 🚧
फिजिबिलिटी रिपोर्ट के बाद शुरू होगा सर्वे और निर्माण कार्य
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट (व्यवहार्यता अध्ययन) उत्तर प्रदेश सेतु निगम से तैयार कराएगा। संबंधित प्रस्ताव को उच्च अधिकारियों से मंजूरी मिलने के बाद विस्तृत सर्वेक्षण शुरू कराया जाएगा।
परियोजना विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर के अनुसार, फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाई जाएगी। प्रारंभिक सर्वेक्षण में यह जानकारी पहले ही एकत्र कर ली गई है कि तिलपता और उसके आसपास किन स्थानों पर सबसे ज्यादा जाम की समस्या रहती है।
तिलपता गोलचक्कर से दादरी रेलवे ओवरब्रिज तक बनेगा छह लेन का एलिवेटेड रोड
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड सूरजपुर की तरफ से तिलपता गोलचक्कर से लगभग 500 मीटर पहले शुरू होकर दादरी रेलवे ओवरब्रिज के पास जाकर जुड़ेगा। इस एलिवेटेड रोड की कुल लंबाई लगभग 5 किलोमीटर होगी और इसे कम से कम छह लेन का बनाया जाएगा।
इस परियोजना के पूरा होने से दादरी नगर, जीटी रोड-91 और आसपास के गांवों के लोगों के लिए आवागमन आसान हो जाएगा। साथ ही, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच यातायात भी सुचारू रूप से चल सकेगा।
तिलपता में सड़क चौड़ीकरण बना बड़ी चुनौती
तिलपता में सड़क की चौड़ाई बढ़ाना प्राधिकरण के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। एक साल पहले निविदा जारी करने के बावजूद अब तक सड़क और नाली का काम शुरू नहीं हो सका है। इसकी मुख्य वजह यह है कि तिलपता में मुख्य सड़क के किनारे बड़े स्तर पर अवैध निर्माण हो चुका है।
इसके अलावा, ग्रामीणों के विरोध के कारण भी काम प्रभावित हुआ है। कुछ समय पहले जब प्राधिकरण के कर्मचारी काम करने पहुंचे थे, तब कुछ लोगों ने उन पर हमला भी कर दिया था। इन परिस्थितियों के कारण सड़क चौड़ीकरण की योजना आगे नहीं बढ़ पाई और प्रशासन को वैकल्पिक समाधान के रूप में एलिवेटेड रोड का विकल्प चुनना पड़ा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और फ्रेट कॉरिडोर से बढ़ेगा ट्रैफिक दबाव
आने वाले कुछ महीनों में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही 130 मीटर चौड़ी सड़क पर बने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के फ्लाईओवर के चालू होने से ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ने वाली सड़क पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ जाएगा।
ऐसी स्थिति में तिलपता गोलचक्कर पर जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है। इसी कारण इस क्षेत्र में ट्रैफिक प्रबंधन के लिए एलिवेटेड रोड जैसी बड़ी परियोजना की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
बाईपास परियोजना जमीन न मिलने से अधर में
तिलपता में जाम की समस्या को कम करने के लिए पहले बाईपास रोड बनाने की योजना भी बनाई गई थी। इस बाईपास रोड को तिलपता गोलचक्कर से आगे रूपबास गांव के पास दादरी बाईपास से जोड़ने का प्रस्ताव था।
हालांकि, इस परियोजना के रास्ते में आने वाले गांवों—खोदना कलां, श्यौराजपुर और कैलाशपुर—में जमीन उपलब्ध न होने के कारण यह योजना फिलहाल अधर में लटक गई है। जमीन अधिग्रहण की समस्या के कारण बाईपास परियोजना पर काम शुरू नहीं हो सका है।
एलिवेटेड रोड बनने में समय लगेगा, तब तक किए जाएंगे वैकल्पिक उपाय
प्राधिकरण का मानना है कि एलिवेटेड रोड बनने में लंबा समय लग सकता है, क्योंकि यह एक बड़ी और जटिल परियोजना है। इसलिए ट्रैफिक को नियंत्रित रखने के लिए कुछ अस्थायी उपाय भी किए जा रहे हैं।
इसी के तहत 130 मीटर चौड़ी सड़क पर नया यू-टर्न बनाने की तैयारी की जा रही है, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से चलती रहे और जाम की स्थिति को कम किया जा सके।
भविष्य में जाम न हो, इसके लिए बनाई जा रही है विस्तृत योजना
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रवि कुमार एनजी ने कहा है कि ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भविष्य में जाम की समस्या न हो, इसके लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
उन्होंने बताया कि मुख्य सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है और तिलपता में DSC मार्ग पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
तिलपता में प्रस्तावित 5 किलोमीटर लंबा छह लेन का एलिवेटेड रोड परियोजना क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण समाधान साबित हो सकती है। सड़क चौड़ीकरण और बाईपास जैसी योजनाओं में आ रही चुनौतियों को देखते हुए यह परियोजना जाम से स्थायी राहत दिलाने का सबसे प्रभावी विकल्प मानी जा रही है।
यदि यह योजना समय पर मंजूर होकर लागू होती है, तो तिलपता, दादरी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को रोजाना के जाम से बड़ी राहत मिल सकेगी और भविष्य में बढ़ते ट्रैफिक को भी आसानी से संभाला जा सकेगा।
