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TCS: टीसीएस में इंक्रीमेंट, लेकिन सबको नहीं, ये रही पूरी डिटेल

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TCS ने कर्मचारियों के लिए सैलरी बढ़ोतरी का ऐलान किया है।

TCS: देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) ने कर्मचारियों के लिए सैलरी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। लेकिन यह बढ़ोतरी केवल 80 प्रतिशत कर्मचारियों (Employees) को ही मिलेगी, जबकि करीब 20 प्रतिशत कर्मचारियों की सैलरी (Salary) में कोई इजाफा नहीं होगा। इससे पहले कंपनी ने लगभग 12 हजार कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की थी, जिसके बाद कर्मचारियों में दहशत का माहौल था और कर्नाटक के श्रम मंत्रालय ने भी कंपनी से जवाब-तलब किया था। पढ़िए पूरी खबर…

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किसको मिलेगा इन्क्रीमेंट?

टीसीएस के चीफ एचआर ऑफिसर मिलिंद लक्कड़ और CHRO डेजिग्नेट के. सुदीप ने एक ईमेल के जरिए कर्मचारियों को सूचित किया कि सैलरी हाइक 1 सितंबर से लागू होगी। यह हाइक कंपनी के जूनियर से लेकर मिड-सीनियर लेवल के कर्मचारियों को मिलेगी, जो C1, C2 और C3A ब्रैकेट में आते हैं। इन कर्मचारियों की सालाना सैलरी (CTC) 15 लाख से 35 लाख रुपये के बीच है।

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विदेश में काम करने वालों को ज्यादा फायदा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जो कर्मचारी भारत से बाहर कार्यरत हैं, उन्हें ज्यादा इन्क्रीमेंट मिलेगा। भारत में काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी में 2 से 4 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है, जबकि विदेशी लोकेशनों पर काम कर रहे कर्मचारियों की सैलरी में 6 से 8 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है।

बेहतर परफॉर्मेंस का डबल इनाम

टीसीएस (TCS) भी अन्य आईटी कंपनियों की तरह परफॉर्मेंस आधारित बेल कर्व मॉडल को अपनाती है, जिसमें कर्मचारियों को हाई, एवरेज और लो परफॉर्मर श्रेणियों में बांटा जाता है। इस बार जो कर्मचारी हाई परफॉर्मर की कैटेगरी में आते हैं, उन्हें डबल डिजिट में इन्क्रीमेंट मिलने की उम्मीद है।

किसकी सैलरी नहीं बढ़ेगी?

टीसीएस के मुताबिक, करीब 20 प्रतिशत कर्मचारियों को इस सैलरी हाइक का लाभ नहीं मिलेगा। ये वे कर्मचारी हैं जो बेल कर्व के निचले पायदान पर आते हैं यानी जिनकी परफॉर्मेंस संतोषजनक नहीं रही है।

नौकरी छोड़ने वालों की संख्या में बढ़ोतरी

एक और अहम तथ्य यह है कि हाल के समय में टीसीएस (TCS) छोड़ने वाले कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ी है। जून 2025 की तिमाही में कंपनी की एट्रिशन रेट 13.8 प्रतिशत रही, जो पिछली तिमाही में 13.3 प्रतिशत थी। इस दौरान कंपनी ने 6,071 नई भर्तियां भी कीं, जिससे कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 6,13,069 हो गई है।

छंटनी के फैसले के पीछे की वजहें

कंपनी ने 12 हजार कर्मचारियों की छंटनी को ‘फ्यूचर रेडी’ (Future Ready) बनने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। TCS ने कहा कि वह टेक्नोलॉजी में ज्यादा निवेश कर रही है, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में। इसके साथ ही वर्कफोर्स एडजस्टमेंट और नई बिजनेस यूनिट्स पर फोकस किया जा रहा है।

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आईटी इंडस्ट्री में छाई चिंता

टीसीएस (TCS) की छंटनी की घोषणा के बाद आईटी इंडस्ट्री में चिंता का माहौल है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह किसी बड़े ट्रेंड की शुरुआत हो सकती है। ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता, एआई की बढ़ती दखल, अमेरिका की नई व्यापार नीतियां और भारतीय आईटी कंपनियों के घटते रेवेन्यू इस चिंता को और गहरा कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में प्रमुख आईटी कंपनियों का रेवेन्यू सिंगल डिजिट में रहा है, जो इंडस्ट्री की चुनौतियों को दर्शाता है।