बड़े नाम, छोटा प्रदर्शन? लोकप्रियता और संसदीय जवाबदेही के बीच बढ़ती खाई
भारतीय लोकतंत्र में अक्सर यह माना जाता है कि जो नेता जितना लोकप्रिय है, वह संसद में भी उतना ही प्रभावी होगा। बड़ी चुनावी जीत, विशाल जनसभाएं, मीडिया में लगातार मौजूदगी और सोशल मीडिया पर लाखों समर्थक किसी नेता की मजबूत छवि जरूर बनाते हैं, लेकिन क्या यही चीजें उसे एक अच्छा सांसद भी बनाती […]
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