Panjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ लागू की गई ज़ीरो सहनशीलता नीति के तहत पंजाब विजीलेंस ब्यूरो ने ब्लॉक विकास और पंचायत अधिकारी (बी.डी.पी.ओ.) रईया, जिला अमृतसर कुलवंत सिंह को 40,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह गिरफ्तारी अमृतसर जिले के गांव शाहपुर के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता की पत्नी साल 2019-2024 तक गांव शाहपुर की सरपंच रही थी। उनके कार्यकाल के दौरान पंचायत फंडों के गबन और जाली जॉब कार्ड बनाने के आरोप लगे थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उक्त बी.डी.पी.ओ. ने जांच अधिकारी होने के नाते, उक्त मामले को निपटाने के बदले उससे एक लाख रुपये रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम कम करने का अनुरोध किया पर अधिकारी रिश्वत की उक्त रकम पर अड़ा रहा।
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प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस शिकायत की प्रारंभिक जांच के उपरांत विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछा के आरोपी बी.डी.पी.ओ. को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 40,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो के थाना अमृतसर रेंज में भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा और इस मामले की आगे जांच जारी है।
