Rajathan News: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक “गेम चेंजर” यानी बड़ा मोड़ बताया है। उनका मानना है कि यह डील राज्य के उद्योगों, कारीगरों और निर्यातकों के लिए नए अवसर खोलेगी और अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी।
टैरिफ में कमी से निर्यात को मजबूती
इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है, जो पहले करीब 50% तक था। इससे राजस्थान के निर्यात-आधारित उद्योगों जैसे गरमेन्ट्स, हस्तशिल्प, जेम्स और ज्वैलरी, कालीन और इंजीनियरिंग वस्तुओं को अमेरिकी बाज़ार में फिर से प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
राजस्थान के कारीगर और छोटे उद्योगों को फायदा
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस समझौते के कारण राजस्थान के हाथ की बनायी़ चीज़ें, जैसे ब्लू पॉटरी, मिनिएचर पेंटिंग, हैंडीक्राफ्ट और लकड़ी के कलाकृतियाँ, अमेरिकी बाज़ार में बड़े पैमाने पर मांग में वृद्धि कर सकती हैं। इससे एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) और कारीगरों को भी रोजगार और कारोबार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
निर्यात बढ़ने से रोजगार के नए मौके
किसानों और उद्योगों के अलावा, निर्यात में वृद्धि के कारण ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग, बैंकिंग और बीमा जैसे क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के छोटे-बड़े उद्योगों को नए निवेश और साझेदारी के लिए तैयार रहना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व और वैश्विक पहचान
भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को ऐतिहासिक और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया आज भारत के प्रति आशा और सकारात्मकता से देख रही है और यह डील भारत-अमेरिका के मजबूत आर्थिक रिश्तों का प्रतीक है।
राजस्थान की अर्थव्यवस्था को लाभ
इस डील से राज्य की अर्थव्यवस्था में व्यापक रहते लाभ की उम्मीद जताई जा रही है क्योंकि कई उद्योग अमेरिकी बाजार में अपने उत्पादों को आसानी से बेच सकेंगे। इससे निर्यात पर सकारात्मक असर पड़ेगा और प्रदेश के विकास में मदद मिलेगी।
