UP News: मुख्यमंत्री योगी की पहल से दिव्यांगजनों को मिला आर्थिक संबल और सम्मान

उत्तरप्रदेश
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UP News: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद लोगों को राहत पहुंचाने का काम कर रही हैं। इसी क्रम में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की “कुष्ठावस्था पेंशन योजना” कुष्ठ रोग से प्रभावित दिव्यांगजनों के लिए आर्थिक और सामाजिक सहारा बनकर सामने आई है। वर्तमान समय में प्रदेश के 13 हजार से अधिक लाभार्थियों को इस योजना के तहत हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है जो कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांग हो चुके हैं और आर्थिक रूप से कमजोर हैं।

आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिल रही राहत

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे जरूरतमंद लोगों को नियमित आर्थिक सहायता देना है, जिनकी आजीविका प्रभावित हो चुकी है। योजना का लाभ उन्हीं लोगों को दिया जाता है जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं, परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम है और वे किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचे और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति आर्थिक संकट में अकेला महसूस न करे।

पेंशन राशि बढ़ने से मिला बड़ा सहारा

योजना की शुरुआत में लाभार्थियों को हर महीने 2500 रुपये की पेंशन दी जाती थी, लेकिन वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर इसे बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। पेंशन राशि बढ़ने से लाभार्थियों को अतिरिक्त आर्थिक मदद मिली और उनके जीवन स्तर में सुधार आया। सरकार के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2016-17 में इस योजना के तहत 4765 लोग लाभान्वित हो रहे थे, जबकि वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 13667 तक पहुंच गई है। इससे साफ है कि योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अधिक जरूरतमंद लोग इससे जुड़ रहे हैं।

सीधे खाते में पहुंच रही सहायता राशि

योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारदर्शी व्यवस्था है। लाभार्थियों का चयन मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर किया जाता है। कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के लिए दिव्यांगता प्रतिशत की कोई अनिवार्यता नहीं रखी गई है। पेंशन की राशि पीएफएमएस और ई-पेमेंट प्रणाली के जरिए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। इससे भ्रष्टाचार और देरी जैसी समस्याओं में कमी आई है।

ऑनलाइन आवेदन से लोगों को मिली सुविधा

प्रदेश सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। पात्र व्यक्ति sspy-up.gov.in पोर्टल पर आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को काफी राहत मिली है और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की परेशानी कम हुई है।

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने कहा कि योजना के माध्यम से कुष्ठ रोग से प्रभावित दिव्यांगजनों को आर्थिक सुरक्षा दी जा रही है और मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार पात्र लोगों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सहायता पहुंचाई जा रही है।