Raghav Chadha

Raghav Chadha: राघव चड्ढा के AAP छोड़ने पर भड़की पार्टी, कहा पंजाब की पीठ में छुरा घोंपा

पंजाब
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Raghav Chadha द्वारा Aam Aadmi Party (AAP) छोड़कर Bharatiya Janata Party (BJP) में शामिल होने के ऐलान के बाद देश की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। आम आदमी पार्टी ने इस कदम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया है कि राघव चड्ढा ने पंजाब की जनता और पार्टी के विश्वास के साथ धोखा किया है।

राघव चड्ढा ने दावा किया है कि वह अकेले नहीं, बल्कि AAP के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों के साथ भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर संकट की स्थिति पैदा कर दी है, खासकर पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

AAP का आरोप: अमित शाह ने रची पार्टी तोड़ने की साजिश

पार्टी के पंजाब महासचिव और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि Amit Shah ने आम आदमी पार्टी को कमजोर करने की साजिश रची है। उनका दावा है कि जल्द ही राघव चड्ढा से एक नई राजनीतिक पार्टी का गठन करवाने की योजना है और AAP के कई राज्यसभा सांसदों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।

पन्नू ने यह भी आरोप लगाया कि राघव चड्ढा को सांसदों को साथ लाने पर केंद्रीय मंत्री बनाने का आश्वासन दिया गया है और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के जरिए सांसदों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने राघव चड्ढा को सांसद बनाया, लेकिन उन्होंने पंजाब की पीठ में छुरा घोंपा है।

संजय सिंह का हमला: ‘ऑपरेशन लोटस’ से तोड़े गए 7 सांसद

AAP के वरिष्ठ नेता Sanjay Singh ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए न केवल AAP के 7 सांसदों को अपने पक्ष में किया है, बल्कि पंजाब की जनता के जनादेश का भी अपमान किया है।

संजय सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार पर ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाया जा रहा है और इसे अंजाम देने के लिए ED और CBI जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पंजाब की जनता इन “गद्दारों” को कभी नहीं भूलेगी।

भगवंत मान सरकार को अस्थिर करने का आरोप

संजय सिंह ने कहा कि Bhagwant Mann पंजाब में ईमानदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन भाजपा उनके कामों को रोकने के लिए साजिश कर रही है। उनका आरोप है कि यह सब पंजाब की तरक्की को बाधित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन सांसदों ने पार्टी छोड़ी है, उन्होंने अपने निजी स्वार्थ और जांच एजेंसियों के डर से भाजपा का दामन थामा है।

राघव चड्ढा का राजनीतिक सफर

राघव चड्ढा को कभी Arvind Kejriwal का करीबी सहयोगी माना जाता था। उन्होंने आम आदमी पार्टी से ही अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी।

  • 2015: पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाए गए
  • 2019: दक्षिण दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए
  • 2020: दिल्ली के राजेंद्र नगर से विधानसभा चुनाव जीता
  • 2022: पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रभारी रहे
  • 21 मार्च 2022: AAP की ओर से राज्यसभा सांसद नामित किए गए

कुछ समय पहले उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाकर उनकी जगह डॉ. अशोक कुमार मित्तल को नियुक्त किया गया था। इसके बाद से ही पार्टी और राघव चड्ढा के बीच मतभेद बढ़ने की चर्चा शुरू हो गई थी।

BJP में विलय का दावा और अन्य सांसदों का साथ

शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने कहा कि AAP के राज्यसभा सांसदों के दो-तिहाई सदस्य संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए भाजपा में विलय करने का फैसला कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया जा रहा है। इस दौरान अन्य सांसदों जैसे संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भी AAP से अलग होने और भाजपा में शामिल होने की घोषणा की। राघव चड्ढा के पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने के ऐलान ने आम आदमी पार्टी के सामने बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस घटनाक्रम का असर पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति पर कितना पड़ता है और जनता इस बदलाव को किस तरह से देखती है।