खटकर कलां में ‘शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह विरासती कॉम्प्लेक्स’ का नींव पत्थर रखा गया
51.70 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा कॉम्प्लेक्स, शहीद भगत सिंह के जीवन और विचारधारा को साकार करेगा यह गौरवमयी प्रोजेक्ट
Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां देश सेवा के लिए शहीद सरदार भगत सिंह के अतुलनीय योगदान को श्रद्धांजलि स्वरूप ‘शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह विरासती कॉम्प्लेक्स’ का नींव पत्थर रखा। यह गौरवमयी प्रोजेक्ट 51 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से बनेगा, जो महान शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करने की एक विनम्र कोशिश होगी।
ये भी पढ़ें: Punjab में समय से पहले शुरू हो सकती है धान की खरीद, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

शहीद-ए-आज़म को दिल से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद भगत सिंह की महान कुर्बानी ने गुलामी की दलदल में फंसे देश को विदेशी साम्राज्यवाद के जुए से आज़ादी दिलाई। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट 9 महीनों में पूरा होगा और आने वाली पीढ़ियों को देश की निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अहम पहल का उद्देश्य हमारे महान सपूत की अनमोल विरासत को संजोना और प्रसारित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट केवल एक इमारत नहीं बल्कि एक अविस्मरणीय अनुभव होगा, जहां शहीद भगत सिंह की मातृभूमि के लिए मर मिट जाने की भावना, बौद्धिक सोच और साहसी जज्बे की झलक देखने को मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस नए विरासती कॉम्प्लेक्स में एक भव्य थीमैटिक गेट होगा, जो उनकी महान विरासत की छवि पेश करेगा। साथ ही, 350 मीटर लंबा विरासती गलियारा भी प्रोजेक्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा, जो शहीद भगत सिंह म्यूज़ियम को उनके पैतृक घर से जोड़ेगा। यह गलियारा शहीद भगत सिंह के जीवन सफर और भारत की आज़ादी की लड़ाई की कहानी को मूर्तियों, 2डी/3डी वॉल पेंटिंग्स और पुतलों के माध्यम से दर्शाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 30 मीटर ऊँचा भारतीय झंडा हमें देश की आज़ादी के लिए दी गई शहीदों की कुर्बानियों की याद दिलाता रहेगा। इसके अलावा, 700 सीटों की क्षमता वाला वातानुकूलित ऑडिटोरियम भी बनेगा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सेमिनारों और अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
ये भी पढ़ें: Punjab में AAP की नई रणनीति, तरनतारन उपचुनाव की कमान संधू को सौंपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद भगत सिंह के लायलपुर (अब पाकिस्तान में स्थित) स्थित पैतृक घर का मॉडल तैयार किया जाएगा। इसी तरह उनके पैतृक गांव को विभिन्न दृश्यों और माध्यमों के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। खटकर कलां स्थित पैतृक घर का संरक्षण और पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही, शहीद भगत सिंह के अदालती मुकदमे का दृश्य भी तैयार किया जाएगा, जो पर्यटकों को अतीत की यात्रा कराएगा और उनके क्रांतिकारी जोश को जीवंत करेगा।
भगवंत सिंह मान ने बताया कि मौजूदा लाइब्रेरी का आधुनिकीकरण कर उसे डिजिटल स्वरूप में बदला जाएगा, जो पाठकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिए सुविधा केंद्र, ठहरने की व्यवस्था, बाग-बगीचे, म्यूजिकल फाउंटेन और पार्किंग जैसी उचित सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अवसर पर पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
