Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में डिजिटल भू-अभिलेख होंगे और सुरक्षित, राजस्व मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में आम लोगों को बेहतर सेवाएं देने, विभागीय कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने और लंबित मामलों के समाधान को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, संचालक विनीत नंदनवार और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राजस्व मंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाना चाहिए।

डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा पर विशेष जोर

बैठक में जमीन संबंधी रिकॉर्ड की सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा हुई। मंत्री टंक राम वर्मा ने निर्देश दिए कि डिजिटल भू-अभिलेखों को साइबर हमलों और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ से सुरक्षित रखने के लिए मजबूत और अभेद्य कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि भूमि रिकॉर्ड से जुड़ा डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहना चाहिए ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

EHRMS पोर्टल से होगी कर्मचारियों की निगरानी

राजस्व विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (EHRMS) पोर्टल विकसित किया जाएगा। इस पोर्टल पर विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की पदस्थापना, अवकाश, विभागीय जांच, गोपनीय प्रतिवेदन और अचल संपत्ति से जुड़ी जानकारी अपडेट रहेगी।

मंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों से उन तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों और भू-अभिलेख अधिकारियों की सूची भी मांगी है जो तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं। साथ ही तीन साल से अधिक समय से एक ही हल्के में कार्यरत पटवारियों का विवरण भी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

15 अगस्त तक पूरा होगा पट्टा वितरण सर्वे

नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले पात्र और गरीब परिवारों को पट्टा देने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए मंत्री ने स्पष्ट समय सीमा तय कर दी है। उन्होंने निर्देश दिया कि पट्टा वितरण के लिए आवश्यक सभी सर्वे कार्य 15 अगस्त 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं। इससे पात्र लोगों को समय पर मालिकाना हक मिल सकेगा और उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा।

शासकीय भूमि और राजस्व बढ़ाने पर फोकस

बैठक में शासकीय भूमि के बेहतर प्रबंधन पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन सरकारी जमीनों की लीज समाप्त हो चुकी है, उनके नवीनीकरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। साथ ही लीज पर दी गई भूमि की समीक्षा कर नियमों के अनुसार शुल्क निर्धारण करने को कहा गया, जिससे राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी हो सके।

किसानों और लंबित मामलों के लिए भी निर्देश

राजस्व मंत्री ने जियो-रेफरेंसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार न्यायालयों में लंबित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और त्रुटि सुधार के मामलों की जिलेवार समीक्षा कर जल्द निपटारा करने पर जोर दिया।

बैठक में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और स्वामित्व योजना के तहत कार्ड वितरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग की सभी योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।