Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने घोषणा की है कि राज्य में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए लुधियाना, न्यू चंडीगढ़ (मोहाली) और अमृतसर में तीन विश्वस्तरीय एग्जीबिशन सेंटर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन सेंटरों को दिल्ली के Pragati Maidan की तर्ज पर विकसित किया जाएगा ताकि उद्योगों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने के लिए बड़ा मंच मिल सके।
उद्योगों को मिलेगा बड़ा प्लेटफॉर्म
प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट के दौरान उद्योगपतियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में बड़े एग्जीबिशन सेंटरों की कमी के कारण उद्योगों को अपने उत्पाद दिखाने का पर्याप्त मंच नहीं मिलता था। इसलिए सरकार अब लुधियाना, न्यू चंडीगढ़ और अमृतसर में आधुनिक सुविधाओं से लैस एग्जीबिशन सेंटर स्थापित कर रही है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

निवेशकों के लिए बड़ा मंच बना समिट
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट 2026 अब निवेशकों के लिए एक मजबूत मंच बन चुका है। इस मंच पर निवेशक नए विचार साझा कर रहे हैं और पंजाब में निवेश के अवसर तलाश रहे हैं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कृषि से वैल्यू एडेड एक्सपोर्ट की ओर बढ़ रहा पंजाब
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अब पारंपरिक कृषि निर्यात से आगे बढ़कर वैल्यू एडेड उत्पादों पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान और उद्यमी नई तकनीकों को तेजी से अपनाते हैं, इसलिए राज्य में कृषि आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।
फूड प्रोसेसिंग से बढ़ेगी किसानों की आय
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब के कई जिलों में खास कृषि उत्पाद हैं, जिनमें पठानकोट की लीची, होशियारपुर के आम और जालंधर के आलू शामिल हैं। अगर इन उत्पादों को फूड प्रोसेसिंग के जरिए वैल्यू एडेड बनाया जाए तो किसानों की आय में बड़ा इजाफा हो सकता है।
गेहूं-धान चक्र से बाहर आने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के किसान अब गेहूं और धान के पारंपरिक चक्र से बाहर निकलना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत विकल्प चाहिए। उन्होंने कहा कि मक्का, सब्जियों और अन्य फसलों की खेती को बढ़ावा देकर कृषि विविधीकरण को मजबूत किया जा सकता है।
पंजाब बना देश का फूड बाउल
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब आज भी देश की खाद्य सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहा है। राज्य हर साल करीब 185 लाख मीट्रिक टन चावल और 125 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन करता है, इसी कारण पंजाब को देश का “फूड बाउल” कहा जाता है।
औद्योगिक नीति 2026 से मिलेगा निवेश को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में इंडस्ट्रियल एंड बिजनेस डेवलपमेंट पॉलिसी 2026 शुरू की है, जो निवेशकों के लिए काफी लाभकारी है। इसके तहत Invest Punjab एक सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में उद्योगों को सभी जरूरी मंजूरियां दिलाने में मदद करता है।
पंजाब बनेगा बड़ा एक्सपोर्ट हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब हर साल 7 अरब डॉलर से अधिक के उत्पादों का निर्यात करता है और राज्य में करीब 14 लाख MSMEs कार्यरत हैं। सरकार का लक्ष्य पंजाब को उत्तर भारत का बड़ा एक्सपोर्ट हब बनाना है।
बायोएनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अब स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में हर साल लगभग 2 करोड़ टन धान का पराली निकलती है, जिसे अब बायोमास पावर, कम्प्रेस्ड बायोगैस और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट्स के जरिए ऊर्जा में बदला जा रहा है।
किसानों और उद्योगों के बीच मजबूत साझेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसान, फूड प्रोसेसर, निर्यातक और लॉजिस्टिक कंपनियां मिलकर काम करेंगी तो इससे किसानों की आय बढ़ेगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा और पंजाब के निर्यात में भी तेजी आएगी।
