Punjab News: Manish Sisodia ने कहा है कि पंजाब को नशा-मुक्त बनाने के लिए सभी विधायकों और जनप्रतिनिधियों को पूरी जिम्मेदारी उठानी होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर गांव में रोजाना निगरानी और जवाबदेही तय करना जरूरी है, तभी नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
हर गांव में तय होगी दैनिक जवाबदेही
सिसोदिया ने कहा कि नशे जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि हर गांव में जिम्मेदार अधिकारियों और प्रतिनिधियों की दैनिक जवाबदेही तय की जाए, ताकि नशे के खिलाफ अभियान मजबूत हो सके।
उनका मानना है कि जब गांव स्तर पर नियमित निगरानी होगी, तो नशे की गतिविधियों को समय रहते रोका जा सकेगा और युवाओं को सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए जरूरी है सख्त कदम
Punjab में नशे की समस्या लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। सिसोदिया ने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए सख्त और प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि नशा-मुक्त समाज बनाने के लिए शिक्षा, जागरूकता और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि युवा सही दिशा में आगे बढ़ सकें।
सरकार और समाज दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी
सिसोदिया ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इसमें पुलिस, प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक सभी की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अगर सभी मिलकर प्रयास करें, तो जल्द ही पंजाब को नशा-मुक्त राज्य बनाया जा सकता है और लोगों का जीवन सुरक्षित और स्वस्थ बन सकता है।
