Punjab News: पंजाब सरकार और University of Turku के बीच हुई साझेदारी अब स्कूलों में सकारात्मक बदलाव के रूप में दिखाई देने लगी है। मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने कहा कि इस सहयोग के तहत कक्षाओं में पढ़ाई का तरीका अधिक इंटरैक्टिव, आनंददायक और भागीदारी आधारित बनाया जा रहा है, जिससे छात्रों की सीखने की क्षमता और रुचि में सुधार हो रहा है।
रटने की बजाय अब होगी आनंददायक और भागीदारी आधारित पढ़ाई
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक रटने वाली शिक्षा प्रणाली से हटकर खेल-आधारित और छात्र-केंद्रित शिक्षण को बढ़ावा देना है। यह पहल पंजाब की व्यापक ‘शिक्षा क्रांति’ (Sikhya Kranti) का हिस्सा है, जिसके माध्यम से वैश्विक अनुभवों को स्थानीय स्कूलों की जरूरतों के अनुसार अपनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत लगभग 300 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे राज्य में प्राथमिक और बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता को और मजबूत किया जा सके।
फिनलैंड दौरे के दौरान शिक्षा संस्थानों का निरीक्षण
अपने आधिकारिक फिनलैंड दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कुकुलो-मोइकोइनन अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड केयर सेंटर का दौरा किया और वहां की शिक्षण पद्धतियों को समझा। उन्होंने कहा कि इस पहल से वैश्विक शिक्षण विशेषज्ञता को स्थानीय कक्षाओं में प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम चंडीगढ़ और फिनलैंड के शहरों तुर्कू और राउमा में आयोजित किए गए हैं, जहां शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों और नवाचारों से परिचित कराया गया।

‘Train-the-Trainers’ मॉडल से पूरे राज्य में होगा विस्तार
सरकार इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए ‘Train-the-Trainers’ मॉडल अपनाने की योजना बना रही है। इसके तहत प्रशिक्षित शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा, जो अन्य शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करेंगे।
इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्लेंडेड लर्निंग (ऑनलाइन और ऑफलाइन का मिश्रण) के माध्यम से शिक्षकों के निरंतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है, ताकि शिक्षा प्रणाली में सुधार लगातार जारी रह सके।
छात्रों की भागीदारी और सीखने की क्षमता में दिख रहा सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम से छात्रों की भागीदारी, आत्मविश्वास और सीखने की प्रेरणा में सुधार देखने को मिल रहा है।

शिक्षकों ने भी नई शिक्षण विधियों को अपनाने में अधिक आत्मविश्वास दिखाया है और अलग-अलग छात्रों की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार करने की क्षमता विकसित की है।
सरकार का लक्ष्य है कि इस तरह की पहल के माध्यम से पंजाब की सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जाए, ताकि छात्रों को भविष्य में बेहतर अवसर मिल सकें।
