UP News: प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में निर्माणाधीन डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से महेसरा पुल तक फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ रेल उपरिगामी पुल (ROB) का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तेजी लाकर परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके।
यातायात और बाढ़ बचाव के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान बताया कि ये परियोजनाएं न केवल यातायात को सुगम बनाएंगी, बल्कि बाढ़ से बचाव में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने राजघाट पुल से हाबर्ट बंधा होते हुए डोमिनगढ़ और जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग तक बनने वाली फोरलेन सड़क की प्रगति की भी जानकारी ली।
निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा से पहले ही परियोजनाओं को पूरा करने का प्रयास किया जाए।
उन्होंने कहा कि पहले जहां फोरलेन सड़क का लक्ष्य सितंबर 2026 रखा गया था, अब इसे जुलाई 2026 तक पूरा करने की दिशा में तेजी लाई जाए।
साथ ही उन्होंने नगर निगम को निर्देश दिया कि महेसरा तक बनने वाली सड़क के अंतिम छोर को सुंदर बनाया जाए और आसपास के क्षेत्र का भी विकास किया जाए।
गोरखपुर में विकास की नई श्रृंखला
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में विकास कार्यों की एक नई श्रृंखला शुरू हो रही है, जिससे शहर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों का जीवन आसान होगा।
उन्होंने बताया कि फोरलेन सड़क और रेल उपरिगामी पुल बन जाने के बाद घुनघुनकोठा, जगतबेला और आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।
शहर के बाहर मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
इस नई फोरलेन सड़क के बन जाने से लोगों को शहर के अंदर जाने की आवश्यकता कम हो जाएगी।
राजघाट और टीपीनगर से होते हुए नेपाल जाने वाले मार्ग पर सीधे पहुंचना आसान हो जाएगा। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
परियोजना की प्रमुख जानकारी
- 10.2 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण जारी
- कुल लागत लगभग 379.54 करोड़ रुपये
- निर्माण कार्य की समय सीमा: सितंबर 2026 (लक्ष्य: जुलाई 2026)
- 4.07 किलोमीटर लंबी दूसरी फोरलेन सड़क पर 195.21 करोड़ रुपये खर्च
- 132 करोड़ रुपये की लागत से 755 मीटर लंबा रेल उपरिगामी पुल निर्माणाधीन
- पुल निर्माण की समय सीमा: दिसंबर 2027
लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। लोगों को कम समय में गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी और ईंधन की बचत भी होगी। साथ ही बाढ़ के समय सुरक्षा और आवागमन दोनों में सुधार होगा।
