Punjab News: पंजाब सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को जल संसाधन और खनन मंत्री Barinder Kumar Goyal ने किसान हितैषी और दूरदर्शी बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में पेश किया गया यह बजट राज्य में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और माइनिंग सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
चंडीगढ़ में जारी बयान में मंत्री ने कहा कि सरकार ने सिंचाई ढांचे को मजबूत करने और किसानों तक पानी पहुंचाने के लिए कई अहम योजनाएं शुरू की हैं।
सिंचाई व्यवस्था के लिए 2971 करोड़ रुपये का प्रावधान
मंत्री Barinder Kumar Goyal ने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में जल संसाधन क्षेत्र के लिए 2971 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस राशि का उपयोग नहरी सिंचाई के विस्तार, पक्के जल मार्गों और पाइपलाइनों के माध्यम से अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य करीब पांच लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बहाल करना है, जिससे राज्य में नहरी सिंचाई का कुल क्षेत्र लगभग 70 लाख एकड़ तक पहुंच जाएगा।
मालेरकोटला क्षेत्र के किसानों को मिलेगा लाभ
सरकार ने मालेरकोटला क्षेत्र के किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए 288 करोड़ रुपये की लागत से महोराणा डिस्ट्रीब्यूटरी की मरम्मत और मालेरकोटला माइनर के निर्माण कार्य की शुरुआत की है।
इस परियोजना से 55 गांवों के करीब 44,000 एकड़ क्षेत्र को पहली बार नहरी सिंचाई का लाभ मिलेगा।
इसके लिए वर्ष 2026-27 में 190 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
काठगढ़ लिफ्ट स्कीम से 24 गांवों को सिंचाई सुविधा
सरकार ने शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) जिले के अर्ध-पहाड़ी और पानी की कमी वाले इलाकों के लिए काठगढ़ लिफ्ट स्कीम-2 की घोषणा की है।
लगभग 107 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के माध्यम से 24 गांवों के 5,500 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इस योजना से भूजल पर निर्भरता कम होगी और बिजली की भी बचत होगी।
नहरी पानी पहली बार कई गांवों तक पहुंचा
मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा नहरों की सफाई, लाइनिंग और आधुनिकीकरण के कारण सतही जल के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
अब इसका उपयोग 6.6 मिलियन एकड़ फुट तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि 1365 स्थानों पर पहली बार नहरी पानी पहुंचाया गया, जिससे उन गांवों को लाभ मिला जो पिछले 20 से 50 वर्षों से सिंचाई सुविधा से वंचित थे।
बाढ़ सुरक्षा के लिए भी बड़े प्रोजेक्ट
पंजाब सरकार ने राज्य में बाढ़ सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
2025 की बाढ़ के बाद 371 बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं की पहचान की गई है, जिन पर लगभग 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इनमें से 142 परियोजनाओं को 31 मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
माइनिंग सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ी
मंत्री Barinder Kumar Goyal ने कहा कि राज्य सरकार ने माइनिंग सेक्टर में भी कई सुधार किए हैं।
उन्होंने बताया कि पंजाब ने भारत सरकार के स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स में पहला स्थान हासिल किया है, जो पारदर्शी शासन और वैज्ञानिक खनन प्रबंधन का परिणाम है।
सरकार ने खनिज वैल्यू चेन की डिजिटल निगरानी, क्रशर यूनिटों के पंजीकरण और नई नीलामी प्रक्रिया लागू कर माइनिंग सेक्टर को व्यवस्थित किया है।
माइनिंग से राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी
सरकार के सख्त कदमों के कारण माइनिंग से राज्य के राजस्व में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है।
पिछले एक वर्ष में खनन से मिलने वाला राजस्व 260 करोड़ रुपये से बढ़कर 500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
मंत्री ने कहा कि यह सरकार की पारदर्शी और प्रभावी नीतियों का परिणाम है।
