Punjab News: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कथित “गुप्त ट्रेड डील” को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि यह सौदा भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचाएगा और देश के बाज़ार अमेरिका को सौंप देगा।
किसानों के भविष्य पर बड़ा सवाल
चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि यह सौदा भारत के किसानों और कृषि व्यवस्था के लिए खतरनाक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह मुद्दा देश के करोड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी से जुड़ा है, तो इसकी जानकारी संसद में क्यों नहीं दी जा रही।
Punjab News: ट्रंप के ट्वीट्स से क्यों मिल रही जानकारी
धालीवाल ने कहा कि यह बेहद गंभीर बात है कि इस कथित डील की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति के ट्वीट्स से सामने आ रही है। उन्होंने पूछा कि भारत की नीतियां ट्रंप सोशल मीडिया पर क्यों बता रहे हैं और सरकार देश से सच क्यों छिपा रही है।
ज़ीरो टैक्स एंट्री से तबाही का डर
आप नेता ने आरोप लगाया कि इस सौदे के तहत अमेरिकी कृषि उत्पादों को ज़ीरो टैक्स पर भारत लाने की तैयारी है। इससे भारतीय बाज़ार में सस्ते आयातित उत्पाद आएंगे और देश के किसान प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाएंगे।
स्वास्थ्य और महंगाई पर भी असर
धालीवाल ने अमेरिकी कृषि उत्पादों में केमिकल उपयोग को लेकर चिंता जताई और कहा कि इससे स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा पर खतरा बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत को रूस से तेल खरीदने से रोका गया, तो महंगा अमेरिकी तेल लेना पड़ेगा, जिससे महंगाई बढ़ेगी।
Punjab News: पंजाब भाजपा की चुप्पी पर सवाल
आप पंजाब ने राज्य की भाजपा लीडरशिप पर सवाल उठाया कि वे इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं। धालीवाल ने कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और अगर अमेरिकी गेहूं, मक्का, सोयाबीन, कपास, डेयरी और मछली उत्पाद सस्ते दामों पर आए, तो पंजाब के किसान कहां जाएंगे।
समझौता सार्वजनिक करने की मांग
आप ने मांग की कि प्रधानमंत्री मोदी पूरा समझौता संसद और देश के सामने सार्वजनिक करें। पार्टी ने साफ कहा कि वह किसानों के साथ खड़ी है और इस कथित किसान विरोधी सौदे के खिलाफ संसद से लेकर सड़कों तक संघर्ष करेगी।
आप का दावा: पंजाब कृषि की रीढ़
आप ने कहा कि पंजाब भारत की कृषि की रीढ़ है। अगर यह सौदा लागू हुआ, तो पंजाब और देश की कृषि व्यवस्था को भारी नुकसान होगा। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक और कॉर्पोरेट फायदे के लिए किसानों के हितों से समझौता कर रही है।
