Punjab: पंजाब में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए CM मान की नीति की हो रही है खूब तारीफ
Punjab News: पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार राज्य में उघोग-धंधे को बढ़ावा देने के लिए लगातार नीति बनाकर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (CM Bhagwant Singh Mann) के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में उघोगपतियों को भी बड़ी राहत दे रही है, जिससे पंजाब में ज्यादा उघोग लगें। इससे न सिर्फ राज्य को लाभ होगा बल्कि युवाओं को पंजाब में ही रोजगार मिल सकेगा। इसी को लेकर बीते सप्ताह हुई कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में उद्योगपतियों को बड़ी राहत दी है। पंजाब सरकार के फैसले लंबित मामलों के निपटारे के लिए एकमुश्त निपटारा योजना (OTS) शुरू करने पर उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री तरुणप्रीत सौंद (Minister Tarunpreet Saund) ने सीएम भगवंत मान का आभार व्यक्त किया।
ये भी पढे़ंः Punjab: मान सरकार की पहल, लुधियाना समेत पूरे पंजाब को मिलेगी पर्याप्त बिजली, होने जा रहा है यह काम

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सीएम भगवंत सिंह मान (CM Bhagwant Singh Mann) के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने उद्योगपतियों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा खत्म करते हुए 4 दशकों से अधिक समय से लंबित मामलों के समाधान के लिए ऐतिहासिक एकमुश्त निपटारा योजना (ओ.टी.एस.) को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत मान सरकार ने बकायेदारों को दंड ब्याज में 100 प्रतिशत छूट देने के साथ-साथ मात्र 8 प्रतिशत की सरल ब्याज दर पर बकाया भुगतान की अनुमति देकर वित्तीय राहत भी दी है। इस योजना की लास्ट डेट 31 दिसम्बर, 2025 है, जिससे बकाएदारों को अपने भुगतान के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
पंजाब सरकार के उद्योग मंत्री ने कहा कि यह योजना उन बकायेदार प्लॉट धारकों पर लागू होगी, जिनका मूल आवंटन 1 जनवरी, 2020 या उससे पहले हुआ था। मंत्री सौंद ने आगे कहा कि इस योजना से पंजाब के करीब 1,145 उद्योगपतियों को फायदा होगा, जिससे वे अपने बकाए का निपटारा कर अपने व्यवसायों में फिर से निवेश कर सकेंगे। इन सभी उद्योगपतियों को 30 अप्रैल 2025 तक नोटिस जारी कर दिए जाएंगे, जिससे वे 31 दिसम्बर तक भुगतान कर सकें।
ख़बरीमीडिया के Whatsapp ग्रुप को फौलो करें https://whatsapp.com/channel/0029VaBE9cCLNSa3k4cMfg25
मंत्री सौंद ने आगे बताया कि पंजाब राज्य औद्योगिक निर्यात निगम (पी.एस.आई. ई.सी.) द्वारा विकसित औद्योगिक फोकल प्वाइंटस में स्थित औद्योगिक प्लॉट, शैड, वाणिज्यिक प्लॉट और आवासीय प्लॉट भी इस योजना के दायरे में आएंगे। उन्होंने कहा कि जिन प्लॉट धारकों का आवंटन कैंसिल हो गया था लेकिन जिनका कब्जा अभी तक पी.एस.आई.ई.सी. ने नहीं मिला था (जो आगे पुन: आवंटित नहीं किए गए थे), उन्हें अपने बकाए का भुगतान कर अपना व्यवसाय फिर से शुरू करने और उसे विकसित करने का मौका मिलेगा।
ये भी पढे़ंः Punjab: मान सरकार का बड़ा कदम, भूमिगत जल संरक्षण के लिए हाइब्रिड मक्का बीज की शुरुआत
इस योजना से उद्योगों को बड़े वित्तीय बोझ और कानूनी अड़चनों से बाहर निकलने का मौका मिलेगा, जिससे वे अपने विस्तार और आधुनिकीकरण की संभावनाओं को तलाश सकेंगे। पंजाब सरकार के मंत्री सौंद ने जानकारी दी कि इस योजना से एकत्रित राजस्व को औद्योगिक बुनियादी ढांचे में पुनर्निवेश किया जाएगा, जिससे फोकल प्वाइंट्स की स्थिति में सुधार होगा और नए औद्योगिक पार्कों के विकास के जरिए से पंजाब में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि आवेदकों की सुविधा और पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए पी.एस.आई.ई.सी. द्वारा विशेष हैल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, ताकि उद्योगपति आसानी से इस योजना का लाभ उठा सकें।
