पशुधन उत्पादकता में सुधार का लक्ष्य
Punjab News: पंजाब सरकार पशुधन उत्पादकता में सुधार और कृषि स्थिरता (Agricultural Stability) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य की चारा प्रणाली में अल्फाल्फा (Alfalfa) को शामिल करने के लिए सहयोगी पहल को प्रोत्साहित करेगी। इस बात की जानकारी पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री गुरमीत सिंह खुदियां (Minister Gurmeet Singh Khuddian) ने दी।
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आपको बता दें कि सीआईआई उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय में आयोजित ‘सतत चारा समाधान: अल्फाल्फा- मशीनीकरण, उत्पादन और विपणन’ पर आयोजित हितधारक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, जो पंजाब एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड (PAIC) और नमोस्तुते इनोवेटर्स एलएलपी (एनएसआई) और टीम एथेना के सहयोग से आयोजित किया गया था।
दूध उत्पादन में होगी वृद्धि
मंत्री गुरमीत सिंह खुदियां (Minister Gurmeet Singh Khuddian) ने चारे की कमी और पशुधन उत्पादकता बढ़ाने के लिए नवाचारी समाधानों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पंजाब एग्रो ने लुधियाना के लाधोवाल में 60 एकड़ में अल्फाल्फा चारे की खेती शुरू की है, जिससे किसानों को एक टिकाऊ और लागत प्रभावी चारा स्रोत मिलेगा, जिससे पशुधन स्वस्थ रहेगा और दूध उत्पादन में वृद्धि हो सकेगी।
पंजाब एग्रो (Punjab Agro) ने किसानों को सही पोषण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) और गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी की है। अल्फाल्फा चारे की खेती से पशुधन को उच्च पोषण प्राप्त होता है, जिससे उनकी सेहत में सुधार होता है। इसके साथ ही यह मिट्टी के स्वास्थ्य को भी सुधारता है, क्योंकि यह नाइट्रोजन को स्थिर करता है और गहरी जड़ प्रणाली के कारण यह सूखे की स्थिति में भी चारा आपूर्ति सुनिश्चित करता है।

अल्फाल्फा एक उच्च पोषण वाली चारा फसल है
पीएआईसी के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक जगनूर सिंह ग्रेवाल (Jagnoor Singh Grewal) ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि अल्फाल्फा एक उच्च पोषण वाली चारा फसल है, जो पशुओं के लिए साल भर चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए साइलेज का पूरक बन सकती है। यह फसल कीट और रोग चक्र को तोड़ने में मदद करती है और बाद की फसलों की पैदावार बढ़ाती है।
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इस कार्यक्रम में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, डेविस के अल्फाल्फा और चारा विस्तार विशेषज्ञ डॉ. डैनियल एच. पुटनाम ने अल्फाल्फा की खेती में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं पर मुख्य भाषण दिया। इस सम्मेलन में डेयरी फार्म, स्टड फार्म, बकरी फार्म, सुअर पालन इकाइयों और पोल्ट्री फार्म के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न उद्योगों के प्रमुख खिलाड़ी, जैसे नेस्ले, अमूल, मिल्कफेड, आईटीसी, यूनिलीवर और बानी मिल्क के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) और गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने भी इस चर्चा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
