Punjab News: एक और अहम नागरिक केंद्रित पहल के तहत पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां नया बना तहसील कॉम्प्लेक्स जनता को समर्पित किया। इस कॉम्प्लेक्स का उद्देश्य नागरिकों को एक ही छत के नीचे सभी प्रशासनिक सेवाएँ उपलब्ध कराना है। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि नया तहसील कॉम्प्लेक्स 10 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्हें इस पवित्र शहर के विकास में योगदान देने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि इस नए कॉम्प्लेक्स के निर्माण से अब 314 गाँवों के लोग एक ही छत के नीचे विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि बटाला सब-डिवीजन के अलावा विधानसभा क्षेत्र फतेहगढ़ चूरियां, कादियां, हरगोबिंदपुर साहिब और बटाला के साथ-साथ डेरा बाबा नानक और काहनूवां के कुछ गाँव भी इस तहसील के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
ये भी पढ़े: Punjab में 2,105 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, CM भगवंत मान ने सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार छह विधानसभा क्षेत्रों के निवासियों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस कॉम्प्लेक्स की नींव 4 जनवरी 2024 को रखी गई थी और इसे लगभग 1 एकड़ और साढ़े 5 कनाल भूमि पर बनाया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि तहसील कॉम्प्लेक्स में एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो और पटवारियों के दफ़्तरों के साथ एक नागरिक सेवा केंद्र भी स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कॉम्प्लेक्स में एक अत्याधुनिक ई-रजिस्ट्री कार्यालय भी है और जनता की सुविधा के लिए एक लिफ्ट भी लगाई गई है। इसमें बैठने के लिए आरामदायक इंतज़ाम, साफ पीने के पानी की सुविधा और एक सुसज्जित प्रतीक्षालय (वेटिंग रूम) भी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नया तहसील कॉम्प्लेक्स न्यायिक कॉम्प्लेक्स और पुलिस लाइन के नज़दीक स्थित है, जिससे नागरिकों के प्रशासनिक कार्य और आसान हो जाएंगे।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पंजाब यूनिवर्सिटी में “पिछले दरवाज़े से प्रवेश” करने की कोशिश कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ हमारे राज्य की भावनात्मक, सांस्कृतिक, साहित्यिक और समृद्ध विरासत का हिस्सा रही है। भगवंत सिंह मान ने अफसोस जताते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी के अस्तित्व को बदलने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन पंजाब सरकार विद्यार्थियों के हित में ऐसे किसी भी इरादे को कभी कामयाब नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा पंजाब विरोधी मानसिकता से ग्रसित है और राज्य को कमजोर करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य की झांकियों को स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस समारोहों में शामिल होने की अनुमति नहीं देती। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी, पंजाब यूनिवर्सिटी और अन्य मामलों में भाजपा की गैर-जरूरी दखलंदाज़ी उसके पंजाब विरोधी रवैये को दर्शाती है।
एक अन्य सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि नौवें पातशाह के चरण-स्पर्श प्राप्त लगभग 140 कस्बों और गाँवों के समग्र विकास के लिए 70 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 23 से 25 नवंबर तक श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर विधानसभा का विशेष सत्र और कई बड़े आयोजन निर्धारित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर चिंता जताई कि भारतीय चुनाव आयोग की घटती विश्वसनीयता लोकतंत्र के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई राजनीतिक पार्टी ईवीएम और वोट चोरी पर सवाल उठा रही है, तो चुनाव आयोग को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि दुर्भाग्यवश चुनाव आयोग इस पर चुप है जबकि भाजपा उसके प्रवक्ता की तरह व्यवहार कर रही है, जो कि बिल्कुल गलत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न केवल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बल्कि पूरी कांग्रेस नेतृत्व राजशाही मानसिकता से पीड़ित है, जिसके चलते वे आम लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब वड़िंग ने ऐसे बयान दिए हैं; दरअसल यह इन अहंकारी नेताओं की पुरानी आदत रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा, सुनील जाखड़ (जो अब भाजपा में हैं) और अन्य नेताओं ने अपनी ही पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ भी ऐसी भाषा का प्रयोग किया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने 58,000 से अधिक योग्य युवाओं को पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियाँ दी हैं। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में कमी लाने के लिए राज्य सरकार ने सड़क सुरक्षा बल (Road Safety Force) का गठन किया है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या 48% तक घटी है और केंद्र सरकार ने भी इस पहल की सराहना की है।
ये भी पढ़े: Punjab: Satinder Sartaj के नाम पर सड़क समर्पित, मान सरकार ने बढ़ाया पंजाबियत का मान
भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए “स्कूल ऑफ एमिनेंस” स्थापित किए हैं। इसके परिणामस्वरूप इन और अन्य सरकारी स्कूलों के 265 छात्रों ने JEE (Main) परीक्षा क्वालिफाई की है, 44 छात्रों ने JEE (Advanced) पास की है और 848 छात्रों ने NEET के लिए योग्यता हासिल की है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में 881 “आम आदमी क्लीनिक” स्थापित किए गए हैं, जो जल्द ही 1,000 का आंकड़ा पार करेंगे। अब तक इन क्लीनिकों ने लगभग 2 करोड़ लोगों को मुफ्त दवाइयाँ दी हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के प्रयासों से राज्य के 90% परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है और राज्य में 19 टोल प्लाज़े बंद किए जा चुके हैं, जिससे जनता को रोज़ाना लगभग 67 लाख रुपये की बचत हो रही है। इस अवसर पर विधायक अमनशेर सिंह शैरी कलसी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
