मुख्यमंत्री ने कहा, चिनाब के पानी का रुख मोड़े केंद्र, पंजाब पूरा सहयोग देने को तैयार
Punjab News: पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान (CM Bhagwant Singh Mann) ने सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच दशकों से चले आ रहे जल विवाद को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार से स्थायी समाधान की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि चिनाब नदी के पानी को रणजीत सागर, पौंग या भाखड़ा जैसे भारतीय बांधों के माध्यम से लाकर इस मुद्दे को हल किया जा सकता है। पढ़िए पूरी खबर…
चिनाब नदी का पानी बनेगा समाधान
आपको बता दें कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के साथ हुई बैठक में सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार को चिनाब नदी के पानी का उपयोग कर SYL विवाद का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई की पिछली बैठक में केंद्र ने सूचित किया था कि भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता निलंबित हो चुका है। इससे चिनाब नदी के पानी, जो पहले पाकिस्तान को जाता था, को भारत के लिए उपयोग करने का अवसर मिला है।
ये भी पढ़ेंः Punjab News: विजीलैंस ब्यूरो द्वारा फ़र्ज़ी हैवी ड्राइविंग लायसेंस रैकेट का पर्दाफाश
सीएम भगवंत सिंह मान (CM Bhagwant Singh Mann) ने सुझाव दिया कि चिनाब के पानी को रणजीत सागर, पौंग या भाखड़ा बांधों के जरिए लाने के लिए नई नहरों और बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा, ‘पहले इन नहरों के जरिए पंजाब की पानी की जरूरतें पूरी की जा सकती हैं। इसके बाद बचे हुए पानी को उसी नहरी प्रणाली के माध्यम से हरियाणा और राजस्थान को आपूर्ति की जा सकती है।’
SYL नहर की जरूरत खत्म करने का प्रस्ताव
SYL नहर की आवश्यकता को समाप्त करने की वकालत करते हुए सीएम भगवंत मान ने प्रस्ताव दिया कि चिनाब के पानी को रोहतांग सुरंग के माध्यम से ब्यास नदी की ओर मोड़ा जाए। इसके अलावा, लंबे समय से प्रस्तावित शारदा-यमुना लिंक प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दी जाए, जिससे अतिरिक्त पानी को यमुना नदी में स्थानांतरित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इन वैकल्पिक उपायों से SYL नहर की जरूरत खत्म की जा सकती है, जिससे दोनों राज्यों के बीच तनाव कम होगा।
पंजाब-हरियाणा जल विवाद का स्थायी हल
सीएम भगवंत मान ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर निर्णायक कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिनाब नदी के पानी का उपयोग न केवल पंजाब की पानी की जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि हरियाणा और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों को भी लाभ पहुंचाएगा। यह समाधान क्षेत्रीय जल संकट को हल करने के साथ-साथ सभी पक्षों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
ये भी पढ़ेंः Punjab: पंजाब स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों के साथ कंधे से कंधा जोड़ कर खड़ा है: हरपाल सिंह चीमा
केंद्र के साथ सकारात्मक चर्चा
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के साथ बैठक में पंजाब, हरियाणा और केंद्र के प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श किया। सीएम मान ने केंद्र से इस प्रस्ताव पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की, जिससे लंबे समय से चला आ रहा यह विवाद समाप्त हो सके। उन्होंने कहा कि नई नहरों और बुनियादी ढांचे का निर्माण पंजाब में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा।
