Punjab:: गुरमीत सिंह खुड्डियां द्वारा पशुपालन विभाग का यूट्यूब और फेसबुक पेज लॉन्च
विभिन्न विशेषज्ञ पशुपालकों को पशुपालन की देखभाल के बारे में देंगे सुझाव
• पशुओं की उचित देखभाल और प्रबंधन के बारे में जानकारी देने के लिए विशेषज्ञों द्वारा हर सोमवार को किया जाएगा लाइव सत्र: गुरमीत सिंह खुड्डियां
Punjab चंडीगढ़, 3 जनवरी: पशुपालन की देखभाल के बारे में सटीक और प्रमाणिक जानकारी प्रदान करने की दिशा में डिजिटल पहल करते हुए पंजाब के पशुपालन, डेयरी विकास और मछली पालन मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज “पशुपालन विभाग, पंजाब” के नाम से विभाग का आधिकारिक यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज लॉन्च किया है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के पशुपालकों को पशुपालन की उचित देखभाल के लिए सही और प्रमाणिक जानकारी प्रदान करना है।
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पशुपालन मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा लॉन्च किए गए इस चैनल और पेज पर हर सोमवार को विशेषज्ञों द्वारा पशुपालन के बारे में सही जानकारी देने के लिए लाइव सत्र किया जाएगा। इन सत्रों के दौरान प्रदेश के सभी पशुपालकों को सत्र में शामिल होने और पशुपालन से संबंधित कोई भी सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों और किसानों के बीच यह सीधा संपर्क पशुपालन की उचित देखभाल के जरिए समग्र उत्पादकता को बढ़ाने में मददगार साबित होगा।
श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों और संबंधित भाईयों को पशुपालन के अधिक किफायती और नैतिक अभ्यासों और तरीकों के बारे में जानकारी प्राप्त करने में मदद करना है। उन्होंने कहा कि यह किसानों के लिए रोजमर्रा की गतिविधियों, टीकाकरण, पशुपालन की देखभाल से संबंधित उपाय, पशुओं को बीमारियों से बचाने और पशुपालन के लिए आहार के बेहतर अभ्यासों के बारे में सरल तरीके से सही और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यह प्लेटफार्म पशुओं की बीमारियों की जांच और इलाज से संबंधित जानकारी, बीमारियों की रोकथाम के उपाय और पशुपालन में सामान्य जूणोटिक बीमारियों की रोकथाम के बारे में जरूरी जानकारी भी प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त पशुपालकों को एन. आर. डी. डी. एल. जालंधर और जिला स्तरीय पॉलीक्लीनिकों और पशु स्वास्थ्य संस्थाओं में विभिन्न जातियों के जानवरों के लिए उपलब्ध लैबोरेटरी टेस्टों की सुविधा के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि सत्रों के दौरान विशेषज्ञों द्वारा पशुपालकों को हर मौसम और गर्भधारण के समय के दौरान पशुपालन की देखभाल, नियमित रूप से कीड़ों को मारने और इसकी रोकथाम, सामान्य परजीवी बीमारियों, लेवे की सूज, और संक्रमण (मास्टाइटिस), ब्रूसेलोसिस, रिपीट ब्रीडिंग (बार-बार प्रजनन की प्रक्रिया) और जानवरों को प्रभावित करने वाली अन्य संक्रामक बीमारियों और प्रबंधन समस्याओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर समय पर सुझाव भी दिए जाएंगे।
पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव श्री राहुल भंडारी ने बताया कि पशुपालकों को समय-समय पर प्रमाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए हर हफ्ते 4 से 5 वीडियो इन प्लेटफार्मों पर पोस्ट किए जाएंगे और पशुपालकों के लिए विशेषज्ञों के साथ ऑनलाइन सत्र भी कराए जाएंगे। इस मौके पर पशुपालन निदेशक डॉ. जी. एस. बेदी, डिप्टी निदेशक डॉ. बिक्रमजीत सिंह, सहायक निदेशक डॉ. परमपाल सिंह, डॉ. लखविंदर सिंह और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
