Prayagraj Mahakumbh

Prayagraj Mahakumbh: मौनी अमावस्या पर अपनी लेन में बने रहें, जिस घाट पर पहुंचें वहीं स्नान करें

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श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए मेला प्रशासन और कुम्भ पुलिस ने की विशेष तैयारी

बैरिकेडिंग और पांटून पुलों पर धैर्य बनाए रखें, जल्दबाजी न करें श्रद्धालु

व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का करें सहयोग, समस्या आने पर लें पुलिस की मदद

Prayagraj Mahakumbh: महाकुम्भ में मौनी अमावस्या के पवित्र अवसर पर करोड़ों श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए मेला प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने और सतर्क रहने के लिए कहा है। इसके अलावा आपात स्थिति में मेला पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और स्पेशल डॉक्टरों की टीम श्रद्धालुओं की देखरेख के लिए 24 घंटे तैनात की गई है।
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Pic Social Media

पुलिस का करें सहयोग

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महाकुम्भनगर राजेश द्विवेदी ने बताया कि महाकुम्भ के दूसरे अमृत स्नान मौनी अमावस्या को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। खासकर श्रद्धालुओं को जागरूक किया जा रहा है कि वो सजग रहें और किसी तरह की अफवाह में न फंसें। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का सहयोग करें और किसी भी तरह की समस्या में पुलिस का सहयोग लें। पुलिस और प्रशासन श्रद्धालुओं की मदद के लिए 24 घंटे उपलब्ध है।

क्राउड मैनेजमेंट में सहयोग के लिए

क्या करना है?

संगम घाट पहुंचने के लिए अलग-अलग लेन से ही जाएं।

गंगा स्नान के लिए जाते समय अपनी लेन में बने रहें।

आने वाले श्रद्धालु स्नान और दर्शन करने के बाद सीधे पार्किंग की ओर जाएं।

मंदिरों में दर्शन के लिए जाते समय अपनी लेन में बने रहें, वहां से अपने गंतव्य स्थान के लिए प्रस्थान करें।

जरूरत पड़ने पर पुलिस का सहयोग लें, पुलिस आपकी मदद के लिए है।

ट्रैफिक पुलिस भी आपकी मदद के लिए तत्पर है।

स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर नजदीकी सेक्टर में बने हॉस्पिटल में कराएं जांच।

बैरिकेडिंग और पांटून पुलों पर धैर्य बनाए रखें, जल्दबाजी और धक्कामुक्की से बचें।

कागज, जूट या इको फ्रेंडली बर्तनों और कुल्हड़ का ही प्रयोग करें।

सभी घाट संगम घाट हैं, जिस घाट पर पहुंच जाएं वहीं स्नान करें।

क्या नहीं करना है?

श्रद्धालु कहीं एक साथ एक स्थान पर ना रुकें।

किसी भी स्थिति में आने और जाने वाले श्रद्धालु आमने-सामने ना पड़ें।

मेले में किसी के द्वारा फैलाई गई अफवाहों से बचें।

सोशल मीडिया पर फैलाए गए किसी भी भ्रम को सच न मानें।

मंदिरों में दर्शन के लिए किसी भी प्रकार की हड़बड़ी न दिखाएं।

होल्डिंग एरिया के बजाय रास्तों पर न रुकें, किसी तरह का अवरोध न उत्पन्न करें।

व्यवस्था या सुविधा को लेकर किसी के भी बहकावे में आने से बचें।

किसी प्रकार की भ्रामक खबरों को आगे बढ़ाने से बचें।

पवित्र स्नान के लिए किसी भी प्रकार की जल्दबाजी न करें।

प्लास्टिक की पन्नियों और बर्तनों का इस्तेमाल करने से बचें।