Noida: नोएडा अथॉरिटी ने रियल एस्टेट कंपनियों से बकाया राशि की वसूली के लिए एक बड़ी कार्रवाई की है।
Noida News: नोएडा अथॉरिटी ने रियल एस्टेट कंपनियों (Real Estate Companies) से बकाया राशि की वसूली के लिए एक बड़ी कार्रवाई की है। अथॉरिटी ने तीन प्रमुख बिल्डरों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी करते हुए जिला प्रशासन को पत्र भेजा है। इसमें 353.41 करोड़ रुपये की बकाया राशि की भू-राजस्व की तरह वसूली के निर्देश दिए गए हैं। जिन बिल्डरों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है, उनमें महागुन रियल एस्टेट और प्रतीक रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं।

तीन प्रोजेक्ट्स पर भारी बकाया
इन तीनों बिल्डरों के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर कुल मिलाकर 353.41 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। सेक्टर-78, सेक्टर-77 और सेक्टर-120 में स्थित इन प्रोजेक्ट्स के लिए साल 2009 और 2010 में आवंटन और कब्जा सौंपा गया था, लेकिन कई बार नोटिस भेजने और सरकार द्वारा छूट दिए जाने के बावजूद बिल्डरों ने भुगतान नहीं किया।
महागुन रियल एस्टेट पर 116.96 करोड़ बकाया
सेक्टर-78 के जीएच-2 भूखंड को 18 अप्रैल 2010 को महागुन रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित किया गया था। एक महीने बाद, 18 मई को कब्जा भी सौंप दिया गया। इसके बावजूद कंपनी ने देय राशि नहीं चुकाई। 21 दिसंबर 2023 के शासनादेश के तहत 25 प्रतिशत राशि जमा करने का अवसर भी दिया गया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। अब इस भूखंड पर 31 अगस्त 2025 तक 116.96 करोड़ रुपये का बकाया है।
सेक्टर-77 में प्रतीक रियल्टर्स का मामला
दूसरा मामला सेक्टर-77 के जीएच-1 भूखंड का है, जिसे 31 मार्च 2010 को प्रतीक रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित किया गया था। 26 मई 2010 को कब्जा भी सौंप दिया गया। लेकिन बार-बार नोटिस और कोविड काल में राहत देने के बावजूद बिल्डर ने बकाया राशि नहीं चुकाई। यहां 162.27 करोड़ रुपये का भुगतान अब तक लंबित है।
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सेक्टर-120 का तीसरा प्रोजेक्ट भी निशाने पर
तीसरा मामला सेक्टर-120 के जीएच-1 भूखंड का है। इसे 10 दिसंबर 2009 को प्रतीक रियल्टर्स को आवंटित किया गया था और 7 जनवरी 2010 को कब्जा भी दे दिया गया था। इसके बाद से अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया। इस भूखंड पर 74.18 करोड़ रुपये की बकाया राशि दर्ज है।

बार-बार नोटिस, फिर भी नहीं हुआ भुगतान
नोएडा अथॉरिटी ने कहा कि बिल्डरों को कई बार नोटिस भेजे गए और बकाया राशि चुकाने के लिए पर्याप्त अवसर भी दिए गए। कोविड-19 के दौरान सरकार की ओर से राहत के तहत 25 प्रतिशत रकम जमा करने की सुविधा भी दी गई, लेकिन कंपनियों ने इसे भी नजरअंदाज किया।
अब भू-राजस्व की तरह होगी वसूली
अब अथॉरिटी ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर इन बकाया राशियों की वसूली भू-राजस्व अधिनियम के तहत करने के निर्देश दिए हैं। यानी, अब प्रशासन जमीन-जायदाद की कुर्की जैसी सख्त कार्रवाई कर सकता है।
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घर खरीदारों के लिए राहत की उम्मीद
नोएडा अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि समय-समय पर नोटिस और अवसर देने के बावजूद भुगतान न करने वाले बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब जिला प्रशासन इन भूखंडों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई भू-राजस्व की तरह करेगा। यह कदम उन हजारों घर खरीदारों के लिए राहत की उम्मीद जगाता है, जो लंबे समय से बिल्डरों की मनमानी से परेशान हैं।
