Noida News: नोएडा के सेक्टर-137 स्थित सुपरटेक इको सिटी से हैरान करने वाली खबर सामने आई है।
Noida News: नोएडा के सेक्टर-137 स्थित सुपरटेक इकोसिटी (Supertech Ecocity) से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। सोसायटी में वेतन न मिलने के विरोध में 42 सुरक्षाकर्मियों ने अचानक हड़ताल कर दी, जिससे हजारों निवासियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। स्थिति को संभालने के लिए एओए ने एजेंसी से अतिरिक्त गार्डों की व्यवस्था शुरू की है और एहतियातन सोसायटी के कई गेट बंद कर दिए गए हैं। सुरक्षाकर्मियों पर समय पर वेतन न देने का आरोप वाईजी एस्टेट पर लगाया गया है। मामला एनसीएलटी में भी लंबित है, जिसके चलते एओए ने वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, एनसीएलटी में सुनवाई से पहले ही सुपरटेक इकोसिटी (Supertech Ecocity) के 42 सुरक्षा कर्मियों ने तीन महीने से वेतन न मिलने का आरोप लगाकर मंगलवार को अघोषित हड़ताल कर दी। 13 नवंबर की सुबह आठ बजे से दोपहर तक सोसायटी में एक भी सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं था। इसके बाद एओए के हस्तक्षेप पर वाईजी मैनेजमेंट ने 17 नवंबर तक वेतन देने का भरोसा दिलाया था। आश्वासन के बाद सुरक्षाकर्मी काम पर लौटे, लेकिन तय समय तक वेतन न मिलने पर वे फिर हड़ताल पर चले गए। खबर लिखे जाने तक केवल दो सुरक्षाकर्मी तैनात पाए गए।
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एओए के उपाध्यक्ष ओमदत्त शर्मा ने कहा कि सोसायटी की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी सुपरटेक बिल्डर की एजेंसी वाईजी एस्टेट के पास है। उनका कहना है कि तीन महीनों से सुरक्षाकर्मियों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा, जिसके चलते संकट गहरा गया है। करीब 2150 फ्लैटों में लगभग दस हजार लोग रहते हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था ठप होने की वजह से चिंतित हैं। सुरक्षाकर्मियों की गैर मौजूदगी को देखते हुए एओए ने गेट बंद रखने का निर्णय लिया है।
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एओए के पदाधिकारियों का कहना है कि एओए बनने के बाद सोसायटी का रखरखाव और सुरक्षा का काम उन्हें हस्तांतरित किया जाना चाहिए था, लेकिन नोटिस देने के बावजूद वाईजी एस्टेट ने ऐसा नहीं किया। यह मामला एनसीएलटी में विचाराधीन है और इसकी अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी। कोर्ट और प्रशासन के आदेश के अनुसार एजेंसी को सुनवाई पूरी होने तक सुरक्षा और रखरखाव जारी रखना था, लेकिन काम सुचारू रूप से नहीं किया जा रहा है।
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एओए ने पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को ई-मेल के जरिए स्थिति की जानकारी भेजी है। वहीं वाईजी एस्टेट के निदेशक नीतीश अरोड़ा से दो बार फोन पर संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। एओए का आरोप है कि एजेंसी ने 70–80 लाख रुपये कैंप चार्ज के रूप में ले लिए हैं, लेकिन इसके बावजूद कर्मियों को जरूरत के अनुसार खर्च उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। एओए का कहना है कि एनसीएलटी के निर्णय को स्वीकार कर वे आगे की कार्रवाई करेंगे।
