Noida Expressway: नोएडा-ग्रेटर नोएडा के 10 लाख लोगों को नहीं मिलेगी राहत, पढ़िए पूरी खबर
Noida Expressway: नोएडा-ग्रेटर नोएडा के 10 लाख लोगों के लिए यह खबर बिलकुल भी अच्छी नहीं है। आपको बता दें कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा (Noida-Greater Noida) के लंबा चक्कर और जाम से बचाने के लिए 2 नए अंडरपास (Underpass) बनाने का ऐलान अथॉरिटी ने किया है। दोनों अंडरपास नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर झट्टा (Jhatta) के सामने (16.900 किमी चैनल पर) और सुल्तानपुर गांव (6.10 किमी चैनल) पर बनने हैं। इसके लिए जल्द ही टेंडर जारी कर कंपनी का चुनाव कर लिया जाएगा। लेकिन अभी यह योजना अधर में लटकती दिखाई दे रही है।
ये भी पढ़ेंः Traffic Challan: बाइक-स्कूटी वाले दें ध्यान..हेलमेट के बाद भी कटेगा चालान!

सीएम योगी ने किया था शिलान्यास
आपको बता दें कि नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) के टेंडर जारी करने पर दोनों अंडरपास के निर्माण के लिए 5-5 कंपनियां आई थीं। प्राधिकरण ने दावा किया है कि जांच में सभी कंपनियां खारिज हो गई हैं। अब दोनों अंडरपास के लिए फिर से टेंडर निकाला जाएगा, जिसमें एक कंपनी का चयन किया जाएगा। ऐसे में शिलान्यास के बाद अंडरपास के निर्माण में देरी हो सकती है। बता दें कि इसका शिलान्यास उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने किया था। वहीं, अंडरपास के निर्माण में देरी के कारण लगभग 10 लाख लोगों का भी इंतजार अब और भी बढ़ गया है।
ख़बरीमीडिया के Whatsapp ग्रुप को फौलो करें https://whatsapp.com/channel/0029VaBE9cCLNSa3k4cMfg25
बजट बढ़कर हुआ 215 करोड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले दोनों अंडरपास का बजट 181 करोड़ रुपये तय था, जिसे अब बढ़ाकर 215 करोड़ रुपये कर दिया गया है। जिसमें पहला अंडरपास एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-145, 146, 155 और 159 के बीच 16.900 किमी चैनल पर बनाया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 800 मीटर होगी। इसके निर्माण पर अब लगभग 115 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे नव विकसित/विकासाधीन औद्योगिक सेक्टर-151, 153, 154, 155, 156, 157, 158, 159, 162 और 9 गांवों को लाभ मिलेगा।
ये भी पढे़ंः Ghaziabad: गाजियाबाद में रहने वालों के लिए बड़ी और अच्छी ख़बर आ गई
दूसरे पर जानिए कितना होगा खर्च
वहीं दूसरा अंडरपास सुल्तानपुर के पास एक्सप्रेसवे पर 6.10 किमी के चैनल पर सेक्टर-128, 129, 132 और 108 के बीच तैयार किया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 731 मीटर होगी। इसके निर्माण पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस अंडरपास से सेक्टर-104, 105, 106, 107, 108, 110, 80, 81, 82, 83, 127, 128, 129, 130, 131, 132, 133, 134, 135, फेज-2, एनएसईजेड और 11 गांव के लोगों को फायदा होगा।
डायाफ्राम तकनीक से होगा अंडरपास का निर्माण
आपको बता दें कि दोनों अंडरपास का निर्माण डायाफ्राम तकनीक (Diaphragm Technique) से होगा। इस बार बनने वाले अंडरपास में तकनीक में बदलाव हुआ है। साल 2020 के बाद एक्सप्रेसवे पर कोंडली, एडवेंट और सेक्टर-96 अंडरपास बॉक्स पुशिंग तकनीक पर बनाए गए थे। इसमें एक्सप्रेसवे की सड़क धंसने की समस्या कई बार सामने आ चुकी है। इसलिए इस बार अथॉरिटी ने अंडरपास के निर्माण के लिए डायाफ्राम तकनीक का चयन किया है।
डायाफ्राम तकनीक से कैसे होगा निर्माण
डायाफ्राम तकनीक से बिना खुदाई किए डायाफ्राम दीवार की ढलाई की जाएगी। इसके बाद दोनों ओर जमीन के अंदर यह दीवार बनाई जाएगी और इस पर अंडरपास की छत डाली जाएगी। दोनों दीवारों और छत के बीच की मिट्टी को खोदकर हटाया जाएगा। इसके बाद नीचे की सड़क बनाने का काम शुरू किया जाएगा। इसी तरह अथॉरिटी दोनों लेन का काम कराएगा। इसके चलते कुछ दिनों तक ट्रैफिक प्रभावित रहेगा।
