Noida: नोएडा-ग्रेटर नोएडा की सोसाइटी में रहने वाले लोग यह खबर जरूर पढ़ लें
Noida News: उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई ऐसी सोसाइटी हैं जहां लोग खतरे के साथ जीने को मजबूर है। आपको बता दें कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा (Noida-Greater Noida) की सोसाइटी (Society) में बहुत लोग रहते हैं। इन लोगों को आए दिन किसी न किसी समस्या का सामना करना पड़ता है। कभी लिफ्ट फंसना तो कभी आवारा कुत्तों का अटैक। लेकिन ताजा मामला सामने आया है, बड़े खतरे को लेकर। आपको बता दें कि पिछले दिनों नोएडा (Noida) में आग लगने की दो भीषण घटनाएं हुईं। यहां पर आग पर काबू पाने के पर्याप्त इंतजाम होते तो लोगों की जान खतरे में न पड़ती। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 300 से अधिक सोसायटियां हैं। 87 सोसायटियों में आग बुझाने के इंतजाम नहीं हैं।
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आग बुझाने (Fire Extinguishing) के सही इंतजाम न होने के कारण यहां पर लाखों लोगों की जिंदगी दांव पर लगी है। आग से लड़ने के इंतजाम यहां शोपीस बने हैं। निरीक्षण के दौरान फायर विभाग (Fire Department) को यहां बहुत सारी कमियां मिलीं। सभी के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किए गए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि 11 नए वाद बीते कुछ दिनों में दायर किए गए हैं। ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में आग पर काबू पाने के इंतजाम मानकों पर खरे नहीं हैं। यह फायर विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक है।
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फायर टेंडर की एंट्री भी मुश्किल
फायर एक्सटिंग्विजर अवधि खत्म होने के बाद भी लगे हुए हैं। तो वहीं सोसायटी के खुले क्षेत्र में पार्किंग बेचने से फायर टेंडर आसानी से प्रवेश नहीं कर सकते। सोसायटी कैंपस में जहां से फायर टेंडर को भर सकते हैं उसके आसपास वाहनों की पार्किंग बेच दी गई है। आग पर काबू पाने के लिए लगे पाइप में लीकेज मिला है। घटना होने पर बगैर प्रेशर के पानी ऊपरी मंजिल तक नहीं पहुंच सकेगा।
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जंग से जाम हैं आग बुझाने के उपकरण
इन सोसाइटियों में तो कई जगह पर आग बुझाने के उपकरण जंग लग गया है। टावरों में लगी हाज रील का पानी के साथ कनेक्शन नहीं है। सिलिंडर में प्रेशर की जांच नहीं की तो वह भी मिला ही नहीं। फायर एग्जिट बोर्ड शायद ही किसी सोसायटी में नजर आए। इमरजेंसी टेलीकाम सुविधा (Emergency Telecom Facility) खराब पड़ी हुई है। बिजली के तारों का घेरा बना हुआ है।
शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) से कई बार सोसायटियों में भीषण आग की स्थिति बनी है। फ्लैट के अंदर जांच करने पर स्प्रिंकलर भी चलते हुए नहीं मिले हैं। आग बुझाने के अधूरे इंतजामों के चलते लाखों लोगों की जिंदगी दांव पर हैं। प्रबंधन के खिलाफ वाद तो दायर हो चुके हैं, लेकिन अव्यवस्थाओं को सही करने की पहल शुरू नहीं हुई है।
आग की घटनाओं को रोकने के लिए मैदान में उतरे अधिकारी
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आग लगने की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने घटनाओं को रोकने के लिए एक्शन लेना शुरू कर दिया है। नगर मजिस्ट्रेट नोएडा विवेकानंद मिश्रा ने बुधवार को दमकल विभाग के अधिकारियों के साथ सूरजपुर स्थित प्रिया गोल्ड की फैक्ट्री का भौतिक सत्यापन किया।
उन्होंने इसको लेकर कहा कि सत्यापन के दौरान कुछ कमियां पाई गई है, उनको जिलाधिकारी के संज्ञान में लाते हुए नोटिस जारी किया गया है। फैक्ट्री प्रबंधन को कमियों को खत्म करने का निर्देश दिया गया है। गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने अग्निकांड की घटनाओं को न्यून करने के मकसद से समिति का गठन किया गया है, जिसमें नगर मजिस्ट्रेट नोएडा विवेकानंद मिश्र को अध्यक्ष बनाया गया है।
समिति में उपनिदेशक कारखाना बीके सिंह, सह अध्यक्ष मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे, जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी एवं सहायक निदेशक कारखाना एसके सिंह सम्मिलित हैं। भौतिक सत्यापन में आग से बचावे के इंतजाम मानक के अनुरूप नहीं मिलने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, फायर अधिनियम व फैक्ट्री एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
