New Township

New Township: सस्ते में प्लॉट-फ्लैट खरीदने का मौका..दिल्ली-मेरठ रोड पर नए टाउनशिप की डिटेल पढ़िए

TOP स्टोरी गाज़ियाबाद दिल्ली NCR
Spread the love

New Township: सस्ते में प्लॉट-फ्लैट खरीदने का मिलेगा मौका, यहां बसेगा नया टाउनशिप

New Township: अगर आप भी प्लॉट-फ्लैट खरीदने का सोच रहे हैं और आपके पास ज्यादा बजट नहीं है तो यह खबर जरूर पढ़ लीजिए। आपको बता दें कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (Ghaziabad Development Authority) दिल्‍ली-मेरठ रोड पर अपनी महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम आवास योजना (Harnandipuram Housing Scheme) लाने जा रहा है। इसके लिए जीडीए (GDA) दिल्‍ली-मेरठ रोड (Delhi-Meerut Road) पर हरनंदीपुरम आवास योजना के लिए पहले चरण में 5 गांवों की जमीन अधिग्रहित करेगा। पहले 8 गांवों की जमीन लेने की योजना जीडीए ने तैयार की थी। अब मथुरापुर, नगला फिरोज मोहनपुर, शमशेर, चंपत नगर और भनेड़ा खुर्द गांवों की ही जमीन खरीदी जाएगी। इस योजना के पहले चरण में भोपापुर, शाहपुर निजमोर्टा और मोर्टा गांवों की जमीन नहीं ली जाएगी।
ये भी पढ़ेंः GDA Housing Scheme: सस्ते में घर बनाने का मौका दे रहा GDA

Pic Social media

हरनंदीपुरम (Harnandipuram) को 521 हेक्टेयर क्षेत्र में बसाने की तैयारी है। करीब 462 हेक्टेयर जमीन सीधे किसानों से खरीदी जाएगी। जिन 3 गांवों जमीन को फिलहाल नहीं खरीदा जाएगा उनका कुल रकबा 125.28 हेक्टेयर है। गुरुवार को जीडीए की एक मीटिंग हुई जिसमें योजना के लिए प्रस्तावित जमीन की दरों पर चर्चा की गई और प्राधिकरण ने 3 गांवों को छोड़ने का प्रस्ताव रखा है।

ख़बरीमीडिया के Whatsapp ग्रुप को फौलो करें https://whatsapp.com/channel/0029VaBE9cCLNSa3k4cMfg25

जनवरी में की गई थी जमीन की पहचान

आपको बता दें कि हरनंदीपुरम आवासीय परियोजना (Harnandipuram Housing Scheme) के लिए जनवरी महीने में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने जमीन के टुकड़ों की पहचान की थी और किसानों से आपत्तियां मांगी थी। अब एक समिति का गठन जमीन की दरें तय करने के लिए कर दिया गया है। इसके लिए प्राधिकारण वर्तमान सर्कल दरों और बाजार दरों पर विचार कर रहा है। जमीन की दरें अगले 10-15 दिनों में निर्धारित कर दी जाएगीं।

ये भी पढ़ेंः Noida-ग्रेटर नोएडा से बुलंदशहर रफ़्तार भरेगी आपकी गाड़ी..ये रही डिटेल

तीन गांवों की जमीन की नहीं होगी खरीदी

जीडीए के मीडिया समन्वयक रुद्रेश शुक्ला ने बताया कि जीडीए ने फिलहाल तीन गांवों को छोड़ने और हरनंदीपुरम योजना के पहले चरण के विकास के लिए 5 गांवों की जमीन ही लेने का प्रस्‍ताव पेश किया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्राधिकरण ने पाया कि पांच गांवों में जमीन की उपलब्धता और खरीद ज्यादा आसान है। बाकी जमीन को दूसरे चरण में शामिल किया जा सकता है।

हालांकि, जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि गांवों को छोड़ने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि गांवों को छोड़ने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। ये गांव योजना के दूसरे चरण में शामिल किए जाएंगे। जीडीए ने बताया कि हरनंदीपुरम आवास योजना के पहले चरण में मथुरापुर, नगला फिरोज मोहनपुर, शमशेर, चंपत नगर और भनेड़ा खुर्द से जमीन की खरीदी की जाएगी।

सर्कल रेट नहीं है समान

रघुनाथपुर के रहने वाले दक्ष नगर ने बताया कि जीडीए ने जिन तीन गांवों की जमीन छोड़ने का फैसला लिया है, उनकी सर्कल दरें दूसरे गांवो से ज्यादा हैं। यह कदम अचानक आया है, जब किसानों ने आपत्तियां दर्ज कराई है। प्राधिकरण से आपत्तियों के निपटारे के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं प्राप्त हुई है। आठ गांवों में सर्कल दरें समान नहीं हैं और बाजार दरों से काफी कम हैं। इसलिए आखिरी दरें वहीं होनी चाहिए जो हमें स्वीकार्य हों। नहीं तो हम अपनी जमीन परियोजना के लिए नहीं देंगे।

जिला मजिस्ट्रेट दीपक मीणा ने बताया कि जीडीए ने फिलहाल कुछ गांवों को छोड़ने का प्रस्ताव दिया है। वे शायद चरणबद्ध तरीके से योजना को आगे बढ़ाना चाहते हैं। अब एक समिति जमीन की दरों पर फैसला लेने के लिए आगे बढ़ेगी। इसके लिए हम वर्तमान सर्कल दरों और बाजार दरों पर विचार कर रहे हैं। दरें अगले 10-15 दिनों में तय होने की उम्मीद है।