NEET Rank Three

NEET Rank Three: छोटी सी जगह से तुम्माला ने कैसे तय किया एम्स तक का सफर..जानिए सफलता की कहानी

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NEET Rank Three: आज की युवा पीढ़ी के लिए तुम्माला बनी रियल-लाइफ मोटिवेशन

NEET Rank Three: छोटी सी जगह, बड़े सपने और उससे भी बड़ी कामयाबी- तुम्माला (Tummala) ने अपनी मेहनत और लगन से वो कर दिखाया जो लाखों छात्रों (Students) का सपना होता है। तमाम मुश्किलों और चुनौतियों के बावजूद, उसने देश की सबसे कठिन मेडिकल परीक्षा NEET में टॉप रैंक 3 हासिल कर ये साबित कर दिया कि अगर इरादे बुलंद हों तो मंजिल दूर नहीं होती। ये कहानी है तुम्माला स्निकिता (Tummala Snikita) की, जिनकी कामयाबी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। पढ़िए पूरी खबर…
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जानिए तुम्माला स्निकिता की सफलता की कहानी

पैरेंट्स (Parents) की खुशी का ठिकाना तब नहीं रहता, जब उनके बच्चे उन्हीं की राह पर चलकर उनसे भी बड़ी ऊंचाइयों को छू लें। ऐसी ही कहानी है तुम्माला स्निकिता (Tummala Snikita) की, जिन्होंने NEET UG 2020 की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 3 हासिल कर अपने परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। 720 में से 715 अंक लाकर उन्होंने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा।

NEET में ऑल इंडिया रैंक 3

तेलंगाना (Telangana) की रहने वाली तुम्माला स्निकिता (Tummala Snikita) ने 99.9995611 पर्सेंटाइल स्कोर के साथ NEET UG 2020 में तीसरी रैंक हासिल की। यह उपलब्धि उनके समर्पण, कड़ी मेहनत और मजबूत योजना का नतीजा है। मेडिकल में करियर बनाने की उनकी चाह और लक्ष्य के प्रति उनकी लगन ने इस असाधारण सफलता को संभव बनाया।

डॉक्टर पैरेंट्स की बेटी, खुद बनी डॉक्टर

तुम्माला स्निकिता (Tummala Snikita) के माता-पिता दोनों ही डॉक्टर हैं, और उन्हीं की प्रेरणा से उन्होंने इस पेशे को चुना। कक्षा 10वीं से ही उन्होंने NEET की तैयारी शुरू कर दी थी। एक प्राइवेट कोचिंग की मदद से उन्होंने अपनी कमजोरियों को दूर किया और नींव मजबूत की। उनका मानना है कि सही गाइडेंस और नियमित अभ्यास ही सफलता की कुंजी हैं।

लॉकडाउन भी नहीं बना रुकावट

कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान जहां अधिकांश छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई, वहीं तुम्माला स्निकिता (Tummala Snikita) ने इस समय का उपयोग रिवीजन और टेस्ट प्रैक्टिस के लिए किया। उन्होंने पहले ही सिलेबस खत्म कर लिया था, जिससे उन्हें तैयारी को और मजबूत करने का मौका मिला। उनकी तैयारी की रणनीति साफ थी – पहले बायोलॉजी, फिर केमिस्ट्री और अंत में फिजिक्स के सवाल हल करना।

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एम्स दिल्ली में हासिल किया दाखिला

NEET में शानदार प्रदर्शन के बाद स्निकिता ने AIIMS दिल्ली में दाखिला लिया और यहीं से अपनी MBBS की पढ़ाई पूरी की। उनके माता-पिता न सिर्फ उनकी प्रेरणा बने, बल्कि हर कदम पर उनका साथ भी दिया।