Even after going into Adani's hands and spending crores, NDTV's fortunes did not change!

NDTV India: करोड़ों खर्च करने के बाद भी अडाणी का NDTV रेस में क्यों पिछड़ा है?

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NDTV India: देश के बड़े बिजनेसमैन अडाणी के चैनल  एनडीटीवी इंडिया(NDTV India) के सितारे गर्दिश में चल रहे हैं। चैनल को लॉन्च हुए 2 साल से ज्यादा हो गए लेकिन चैनल वो रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है जो उसे पकड़नी चाहिए। टीआरपी की रेस में चैनल 12वें नंबर पर है। एक से बढ़कर एक संपादकों की पूरी फौज, इंडस्ट्री के बेहतरीन एंकर्स, दिग्गज प्रोड्यूसर्स, फिर कमी कहां रह गई। वहीं अर्नब गोस्वामी के चैनल रिपब्लिक भारत(Republic Bharat) की अगर बात की जाए तो चैनल ने कम समय में नंबर-1 का तमगा हासिल कर लिया था। वो भी बेहद कम संसाधनों में।

सवाल ये कि इतने संसाधनों के बावजूद एनडीटीवी की किस्मत अभी तक नहीं बदली। लॉन्चिंग के साथ लोगों ने सोचा अब इसका मुक़ाबला बड़े हिंदी न्यूज़ चैनलों से होगा। अदानी ने बड़े बड़े तोपची दूसरे चैनलों से अपने यहाँ ले आए। करोड़ों खर्च किए। पर रिजल्ट जीरो है। टीआरपी रूपी बारिश की बूंदें इस चैनल पर क्यों नहीं गिर रही है। कहीं ना कहीं तो कृपा जरूर रुकी है भाई।