MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) इसी महीने लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मानसून सत्र में UCC विधेयक पेश करने की तैयारी कर चुकी है और इसे लागू करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
55 जिलों में अध्ययन, व्यापक समर्थन मिलने का दावा
भिंड जिले के लहार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि UCC को लेकर प्रदेश के 55 जिलों में विशेषज्ञों के माध्यम से विस्तृत अध्ययन कराया गया। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में व्यापक जनसमर्थन मिला और कई मुस्लिम महिलाओं ने भी समान नागरिक संहिता को जल्द लागू करने की मांग की है।
मानसून सत्र में पेश होगा UCC विधेयक
राज्य सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि UCC का मसौदा तैयार किया जा चुका है और इसे 20 जुलाई से शुरू होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। सरकार का कहना है कि जनता से प्राप्त लाखों सुझावों को ध्यान में रखते हुए विधेयक तैयार किया गया है।
क्या है समान नागरिक संहिता (UCC)?
समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति जैसे नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करना है, चाहे उनका धर्म कोई भी हो। यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में उल्लिखित नीति-निर्देशक तत्वों (Directive Principles of State Policy) से जुड़ा विषय है।
कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं की भी दी सौगात
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भिंड जिले में 322 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 40 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और 16 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में रोडवेज बस सेवा दोबारा शुरू करने और लहार शासकीय महाविद्यालय में स्नातकोत्तर (PG) कक्षाएं शुरू करने की भी घोषणा की।
