Delhi News: दिल्ली सरकार ने संशोधित प्रधानमंत्री अनधिकृत कॉलोनियों में आवास अधिकार योजना (PM-UDAY) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार से 100 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मांगी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर योजना के पहले चरण के लिए यह राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इस योजना का उद्देश्य दिल्ली की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को कानूनी संपत्ति अधिकार उपलब्ध कराना है।
सभी 13 जिलों में बनेंगे PM-UDAY सेल
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार दिल्ली के सभी 13 जिलों में PM-UDAY सेल स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक सेल का नेतृत्व एक अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) करेंगे। इसके अलावा आधुनिक तकनीक की मदद से भूमि सर्वेक्षण, डिजिटल मैपिंग और भूमि अभिलेखों को अद्यतन करने का व्यापक अभियान चलाया जाएगा, जिससे संपत्ति सत्यापन और अधिकार देने की प्रक्रिया तेज़ हो सके।
जनजागरूकता अभियान पर भी होगा खर्च
प्रस्तावित बजट में लगभग 10 करोड़ रुपये जनजागरूकता और आउटरीच गतिविधियों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWAs) के साथ कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे और पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
राजस्व विभाग होगा नोडल एजेंसी
दिल्ली सरकार ने राजस्व विभाग को PM-UDAY योजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी बनाया है। सरकार का कहना है कि केंद्र से समय पर वित्तीय सहायता मिलने पर लाखों लोगों को जल्द और सरल प्रक्रिया के माध्यम से संपत्ति अधिकार उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
संशोधित नियमों से मिलेगी नई गति
सरकार के अनुसार, अप्रैल 2026 में अधिसूचित संशोधित नियमों ने PM-UDAY योजना को नया कानूनी ढांचा प्रदान किया है। अब आधुनिक सर्वेक्षण प्रणाली, डिजिटल रिकॉर्ड और जिला स्तर पर संस्थागत व्यवस्था के जरिए योजना को अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने की तैयारी की जा रही है।
