Chhattisgarh News:महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त से बालोद की महिलाओं को मिला आर्थिक संबल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 29वीं किस्त की राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी है। राशि मिलने के बाद बालोद जिले की महिलाओं ने खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। लाभार्थियों का कहना है कि हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके परिवार के लिए बड़ा सहारा बन रही है।

बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और घरेलू खर्च में मिल रही राहत

बालोद जिले के विभिन्न गांवों की महिलाओं ने बताया कि योजना के तहत मिलने वाली राशि से वे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों और छोटे स्वरोजगार संबंधी कार्यों का खर्च आसानी से उठा पा रही हैं। उनका कहना है कि इस योजना ने महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाया है और उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाया है।

सिलाई-कढ़ाई और परिवार की जरूरतों में हो रहा उपयोग

ग्राम बघमरा की लाभार्थी देवकी विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें 29वीं किस्त की राशि प्राप्त हो चुकी है। वे इस पैसे का उपयोग घर के दैनिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों की खरीद और सिलाई-कढ़ाई के कार्यों में करती हैं।

वहीं जगन्नाथपुर की जामवंती विश्वकर्मा ने कहा कि हर महीने मिलने वाली यह सहायता उनके परिवार के लिए आर्थिक सहारा बन गई है। ग्राम ओरमा की राधिका सोनवानी ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि की मदद से वे अपने बच्चों की स्कूल फीस जमा कर पा रही हैं, जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ कम हुआ है।

महिलाओं को मिल रहा आत्मनिर्भर बनने का अवसर

लाभार्थी महिलाओं ने मोबाइल पर प्राप्त राशि का संदेश दिखाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद व्यक्त किया। उनका कहना है कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और विपरीत परिस्थितियों में सम्मानपूर्वक जीवनयापन करने में मदद मिल रही है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण योजना

राज्य सरकार का कहना है कि महतारी वंदन योजना का उद्देश्य महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। बालोद जिले की महिलाओं के अनुभव बताते हैं कि यह योजना ग्रामीण परिवारों के दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन रही है।