Mock Drill: नोएडा में हुआ मॉक ड्रिल, आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिये हुआ अभ्यास
Mock Drill: कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद आज भारतीय सेना (Indian Army) ने पीओके में घुसकर आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट कर दिया। देश के लोगों को युद्ध की स्थिति में सुरक्षित रखने के लिए मॉक ड्रिल भी आज देश के कई शहरों में किया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के नोएडा में भी आज मॉक ड्रिल (Mock Drill) किया गया। जिसमे ज्वांइट पुलिस कमिश्नर शिवहरी मीणा, जिलाधिकारी मनीष वर्मा, डीसीपी राम बदन सिंह, सांद मियां खान, एसीपी समेत कई अफसर मौजूद रहे।

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आपको बता दें कि कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर (Gautam Buddha Nagar) में फायर यूनिट, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड, अद्धसैनिक बलो व चिकित्सा टीम के साथ आपातकालीन स्थिति से बचने के लिए मॉल,हाइराइस बिल्डिंग एनटीपीसी दादरी और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मॉक ड्रिल किया गया। मॉक ड्रिल (Mock Drill) के दौरान मॉल में सायरन बजा कर मॉक ड्रिल हुआ। भीड भाड़ वाले स्थानों में स्कूल कॉलेज आदि स्थानो पर भी मॉक ड्रिल (Mock Drill) का अभ्यास किया। आपको बता दें कि अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय अजय कुमार, डीसीपी मुख्यालय रवि शंकर निम, डीसीपी लाइन यमुना प्रसाद, व एसीपी लाइन ट्विंकल जैन द्वारा सूरजपुर पुलिस लाइन में कमांडो टीम (पुरूष व महिला) मय पुलिस बल मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया।

एनटीपीसी दादरी में भी हुआ मॉक ड्रिल
एनटीपीसी दादरी में आपातकालीन स्थिति (Emergency Situation) से निपटने के लिये मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल अभ्यास में प्रशासनिक टीम उपस्थित रही जिसमें जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा प्रतिभाग किया गया।
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आपको बता दें कि मॉक ड्रिल एक अभ्यास ड्रिल है जिसमें आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिये अभ्यास किया जाता है। इसका उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में तेजी और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया करने की क्षमता को बढाना है। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति के लिये तैयारी, प्रतिक्रिया समय में सुधार करना, संचार एवं समन्वय में सुधार और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना जैसे आतंकी हमले के दौरान तेजी से प्रतिक्रिया करने की क्षमता को बढ़ाना है। मॉक ड्रिल मुख्यतः आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयारी करने में मदद करती है और प्रतिक्रिया करने की क्षमता को बढ़ाती है। साथ ही जान-माल की सुरक्षा में मदद करती है और आपातकालीन स्थिति के दौरान नुकसान को कम करने में मदद करती है। मॉक ड्रिल अभ्यास के दौरान सुरक्षा कर्मियों द्वारा आपातकालीन स्थिति से प्रभावित क्षेत्रो से लोगो को निकालना उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पंहुचाने तथा आपातकालीन स्थिति से निपटने का कार्य किया जाता है।
