Microsoft : टेक दिग्गज Microsoft भारत में अपना सबसे बड़ा AI और क्लाउड डेटा सेंटर तैयार कर रही है। यह अत्याधुनिक डेटा सेंटर Hyderabad में बनाया जा रहा है, जिसके इसी साल शुरू होने की संभावना है।
कंपनी ने अभी इसके आकार और क्षमता की आधिकारिक जानकारी नहीं दी है, लेकिन माना जा रहा है कि यह भारत में तेजी से बढ़ रही AI और क्लाउड सर्विसेस की मांग को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
भारत माइक्रोसॉफ्ट के लिए बड़ा बाजार
भारत में तेजी से बढ़ते इंटरनेट यूजर्स, डिजिटल सेवाओं और इंजीनियरिंग टैलेंट को देखते हुए माइक्रोसॉफ्ट लगातार निवेश बढ़ा रही है। कंपनी पहले ही भारत में अरबों डॉलर के निवेश का ऐलान कर चुकी है।
Puneet Chandok के अनुसार भारत में Azure क्लाउड प्लेटफॉर्म और AI असिस्टेंट Copilot की मांग तेजी से बढ़ रही है।
देश की बड़ी IT कंपनियां जैसे Infosys, Cognizant और Tata Consultancy Services भी AI टूल्स का बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर रही हैं।
आखिर क्या होते हैं डेटा सेंटर?
डेटा सेंटर ऐसे बड़े तकनीकी केंद्र होते हैं जहां हजारों कंप्यूटर सर्वर रखे जाते हैं। ये सर्वर इंटरनेट, क्लाउड स्टोरेज, AI टूल्स और डिजिटल सेवाओं को चलाने का काम करते हैं।
इन डेटा सेंटरों में हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर, मेमोरी चिप्स और GPUs का इस्तेमाल किया जाता है, जो AI मॉडल और क्लाउड सर्विसेस को तेज और सुरक्षित बनाते हैं।
AI आने के बाद क्यों बढ़ी डेटा सेंटर की जरूरत?
डेटा सेंटर पहले भी मौजूद थे, लेकिन जनरेटिव AI और मशीन लर्निंग तकनीक के तेजी से बढ़ने के बाद इनकी मांग कई गुना बढ़ गई है।
अब बड़ी टेक कंपनियां AI चैटबॉट, रियल-टाइम एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और बड़े भाषा मॉडल (LLM) को चलाने के लिए विशाल डेटा सेंटर तैयार कर रही हैं।
भारत में बढ़ेगा टेक और रोजगार सेक्टर
विशेषज्ञों का मानना है कि माइक्रोसॉफ्ट का नया डेटा सेंटर भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा। इससे क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, AI डेवलपमेंट और डेटा मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
