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Maharashtra: महाराष्ट्र में खतरनाक बीमारी की दस्तक..जानिए JBS के लक्षण

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Maharashtra में तेजी से फैल रही है खतरनाक बीमारी, आप भी हो जाइए सावधान

Maharashtra News: महाराष्ट्र में एक बार फिर से एक खतरनाक बीमारी ने दस्तक दे दी है। यह बीमारी महाराष्ट्र में तेजी से फैल रही है। इसका नाम गिलियन बैरे सिंड्रोम (GBS) है। इस बीमारी में संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 192 पहुंच गई है। इनमें से 167 मरीजों में जीबीएस की पुष्टि हुई है। जीबीएस (GBS) बीमारी से अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है।

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जीबीएस बीमारी है खतरनाक

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में तेजी से फैल रही बीमारी जीबीएस (GBS) एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर (Neurological Disorder) है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम पेरिफेरल नर्व सिस्टम के एक हिस्से पर अटैक करता है। जिससे मांसपेशियों में कमजोरी, पैर-बाहों में झुनझुनी, सूनापन और निगलने या सांस लेने में समस्या होती है। जीबीएस संक्रमण दूषित पानी या भोजन के सेवन से भी फैलता है। संक्रमितों में बुखार, दस्त और पेट दर्द जैसे लक्षण दिखते है।

महाराष्ट्र में तेजी से फैल रही है जीबीएस

इस बीमारी से महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे एमसी (Pune MC) से 39, पिंपरी चिंचवड़ एमसी से 29, पीएमसी क्षेत्र में नए जोड़े गए गांवों से 91, पुणे ग्रामीण से 25 और अन्य जिलों से 8 मरीज मिले हैं। 91 मरीजों को छुट्टी दे दी गई है, वहीं 48 आईसीयू में हैं और 21 वेंटिलेटर पर हैं।

महाराष्ट्र सरकार को केंद्र सरकार की तरफ से मिली गाइडलाइंस के मुताबिक मरीजों को फ्री इलाज दिया जा रहा है। अस्पतालों में जीबीएस के मरीजों का फ्री इलाज हो रहा है। इसके साथ ही राज्य की महात्मा फुले जन आरोग्य योजना के तहत भी यह इलाज कवर किया जा रहा है।

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जानिए क्या है जीबीएस (GBS) के लक्षण

पैरों में कमजोरी और तेज दर्द होना
खड़े होने में समस्या होना
चलने में दिक्कत

जीबीएस से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान

इस बीमारी से बचने के लिए जरूरी है कि साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें।
समय समय पर हाथों को धोएं और स्वच्छ भोजन का सेवन करें।
किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचने का प्रयास करें। अगर कोई संक्रमण हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उसका इलाज कराएं।
स्वस्थ और संतुलित भोजन करें।
अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को योग के द्वारा बेहतर करें। इसके लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और तनाव से दूर रहें।
जीबीएस के गंभीर मामलों में मरीज पूरी तरह लकवाग्रस्त तक हो सकता है। ज्यादातर वयस्कों और पुरुषों में इस विकार के होने के आसार ज्यादा हैं, हालांकि सभी उम्र के लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं।

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इस बीमारी को लेकर राज्य स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सामान्य सावधानियां बरतकर जीबीएस को कुछ हद तक रोका जा सकता है, जैसे कि उबला हुआ/बोतलबंद पानी पीना, खाने से पहले फलों और सब्जियों को ठीक से धुलना, चिकन और मांस को ठीक से पकाना, कच्चे या अधपके भोजन, विशेष रूप से सलाद, अंडे, कबाब या समुद्री भोजन से परहेज करना।

अगर किसी व्यक्ति को पैरों में कमजोरी या दर्द महसूस हो और यह कमजोरी हर दिन बढ़ रही हो, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ताकि समय से उसका सही इलाज शुरू हो सके।