Jharkhand News: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता हेमंत सोरेन की मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं। रांची स्थित विशेष PMLA कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत को 14 दिनों के लिए और बढ़ा दिया है। हेमंत सोरेन कथित जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, रांची में बंद हैं। अदालत के इस फैसले के बाद अब मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी।
रांची की विशेष PMLA कोर्ट का बड़ा फैसला
विशेष PMLA कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन समेत 11 अन्य आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ाने का आदेश दिया। कोर्ट पहले ही इस मामले में आरोप पत्र दाखिल होने की जानकारी दे चुका है और अब आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
जमीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
यह पूरा मामला कथित जमीन घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले की जांच कर रहा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि जमीन से जुड़े कुछ लेन-देन में अनियमितताएं हुईं, जिनकी जांच के तहत हेमंत सोरेन से कई बार पूछताछ की गई थी। इसी जांच के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
31 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी
हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय ने 31 जनवरी को कई घंटों की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला और झारखंड की सत्ता में नया नेतृत्व सामने आया। उनकी गिरफ्तारी के बाद से यह मामला लगातार राजनीतिक और कानूनी चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी
सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों को देखते हुए हेमंत सोरेन तथा अन्य आरोपियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायिक हिरासत बढ़ाने का फैसला सुनाया। मामले में दाखिल चार्जशीट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आगे की सुनवाई की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में बनी हुई है चर्चा
हेमंत सोरेन झारखंड की राजनीति का बड़ा चेहरा माने जाते हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। झारखंड मुक्ति मोर्चा और विपक्षी दलों ने पहले भी इस कार्रवाई को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखने की बात कही थी, जबकि जांच एजेंसियां इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रही हैं। ऐसे में इस मामले की हर सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी दोनों नजरें बनी हुई हैं।
11 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
अदालत के आदेश के अनुसार अब सभी आरोपियों की अगली पेशी 11 जुलाई को होगी। तब तक हेमंत सोरेन न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। मामले की अगली सुनवाई में जांच से जुड़े दस्तावेजों और कानूनी पक्षों पर आगे चर्चा होने की संभावना है। फिलहाल अदालत की निगरानी में इस मामले की सुनवाई जारी है।
