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Jharkhand: CM हेमंत सोरेन की पहल, ग्रामीण क्षेत्रों में 183 करोड़ की पेयजल योजनाओं को मिली मंजूरी

झारखंड राजनीति
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Jharkhand News: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) के निर्देश पर राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल संकट (Clean Drinking Water Crisis) को जड़ से खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने अपने संसाधनों से 183 करोड़ रुपये की नौ नई ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजनाओं को मंजूरी दे दी है। ये योजनाएं ग्रामीण आबादी को घर-घर स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

Pic Social Media

आरकोसा बहु ग्रामीण पाइप जलापूर्ति

सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) के विशेष ध्यान से स्वीकृत योजनाओं में सबसे बड़ी योजना आरकोसा बहु ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना है, जिसकी लागत 61.66 करोड़ रुपये है। इसके अलावा तपकारा में 14 करोड़ और ठेठईटांगर में 16 करोड़ रुपये की अलग-अलग पेयजलापूर्ति योजनाएं शुरू की जा रही हैं। वहीं चंदवारा बहु ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना के लिए करीब 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

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9 बड़ी योजनाओं से घर-घर पहुंचेगा पानी

इन कुल नौ महत्वाकांक्षी योजनाओं के जरिए राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोगों के घर तक पाइप के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचेगा। सीएम हेमंत सोरेन की यह पहल ग्रामीणों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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केंद्र और राज्य का सहयोग

केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित ‘हर घर जल’ योजना में केंद्र और राज्य 50-50 प्रतिशत अंशदान करते हैं, लेकिन उसकी प्रगति काफी धीमी रही है। इस स्थिति में सीएम हेमंत सोरेन ने फैसला लिया कि झारखंड अपने संसाधनों से ही ग्रामीण पेयजल संकट को दूर करेगा। यही वजह है कि राज्य सरकार पूरी तरह अपने बजट से इन 183 करोड़ रुपये की योजनाओं को पूरा कर रही है।

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स्वच्छ पेयजल अब प्राथमिकता: सीएम हेमंत

सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने स्पष्ट किया है कि शहरी हो या ग्रामीण क्षेत्र, हर नागरिक को सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन नई योजनाओं के साथ राज्य के पांच लाख से अधिक घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।