Jharkhand News: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने अपने दादा शहीद सोबरन सोरेन (Martyr Sobran Soren) के शहादत दिवस पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। रामगढ़ जिले के पैतृक गांव नेमरा पहुंचकर लुकैयाटांड़ में शहीद सोबरन सोरेन की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और जनसमूह को संबोधित करते हुए गर्व से कहा कि ‘झारखंड खून से सींचा हुआ प्रदेश है।’
सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने कहा कि सदियों से झारखंड की धरती शोषण और दमन के खिलाफ संघर्ष की साक्षी रही है। हमारे वीर पुरखों ने हमें हक-अधिकार की लड़ाई का जज्बा सिखाया है। इस प्रदेश के हर कोने में शहीदों की स्मृतियां, प्रतिमाएं और समाधि स्थल बिखरे हैं, जो हमें न्याय की लड़ाई में अडिग रहने की प्रेरणा देते हैं। आज शहीद सोबरन सोरेन का शहादत दिवस है, जिन्होंने शोषकों के खिलाफ आवाज उठाते हुए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

शिक्षा के अलख जगाने वाले शहीद सोबरन सोरेन
सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने अपने दादा को याद करते हुए कहा कि पूज्यनीय सोबरन मांझी जी न सिर्फ शोषण के खिलाफ लड़ते रहे, बल्कि शिक्षा का दीया जलाते रहे। वे एक कुशल शिक्षक थे और उनका दृढ़ विश्वास था कि शिक्षा ही समाज में क्रांति ला सकती है। शोषित-वंचित समाज को शिक्षित करने का उनका महाअभियान आज भी प्रासंगिक है।
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तेज गति से विकास की राह पर
झारखंड राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर सीएम हेमंत सोरेन ने गर्व जताया कि अब हम एक युवा राज्य बन चुके हैं। हेमंत सरकार हर क्षेत्र में तेज गति से काम कर रही है। खासकर राज्य के नौजवानों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ योजनाएं चलाई जा रही हैं।

शहीद सोबरन सोरेन का बलिदान
27 नवंबर 1957 को महाजनों और सूदखोरों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण शहीद सोबरन सोरेन की निर्मम हत्या कर दी गई थी। उस दिन वे अपने पुत्रों राजाराम सोरेन और शिबू सोरेन के लिए चावल व सामान लेकर गोला स्कूल जा रहे थे। नेमरा से कुछ दूर लुकैयाटांड़ के पास उनकी हत्या हुई। इस घटना ने शिबू सोरेन को सूदखोरी और महाजनी प्रथा के खिलाफ ऐतिहासिक आंदोलन चलाने की प्रेरणा दी।
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सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने अपने दादा के बलिदान को न केवल परिवार का गर्व बताया, बल्कि पूरे झारखंड की संघर्ष गाथा का प्रतीक बताया, जो आज भी राज्य को मजबूत और न्यायपूर्ण बनाने की प्रेरणा देता है।
