त्वरित न्याय, तकनीकी साक्ष्य और जीरो टॉलरेंस— पुलिस अब तकनीक के साथ करेगी अपराध पर प्रहार
Jaipur News: जेईसीसी, सीतापुरा में आयोजित ‘नव विधान-न्याय की पहचान’ प्रदर्शनी का मंगलवार शाम भव्य समारोह में सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस 8 दिवसीय प्रदर्शनी में नए आपराधिक कानूनों की बारीकियों को आधुनिक पुलिस नवाचारों के माध्यम से जनता तक पहुंचाया गया। प्रदर्शनी की कुल डिजिटल और भौतिक पहुँच 1.8 करोड़ से अधिक रही, जो इसकी ऐतिहासिक सफलता को दर्शाती है। समापन समारोह में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम मुख्य अतिथि रहे। समारोह में विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए. सावंत तथा पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित महानिदेशक आनंद श्रीवास्तव संजय अग्रवाल, मालिनी अग्रवाल, निदेशक आरपीए एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एस. सेंगाथिर अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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न्याय में सुलभता और अपराध पर कठोर प्रहार—
जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि नए कानूनों से न्याय मिलने में सुलभता और समयबद्धता आई है, जिससे अपराधों के ग्राफ में भारी कमी आई है। उन्होंने जोर दिया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पदभार ग्रहण करने के बाद यही प्राथमिकता थी कि राजस्थान अपराध मुक्त बने और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। बेढम ने राजस्थान पुलिस की पूरी टीम को बधाई दी कि उन्होंने सिस्टम को अपग्रेड कर अपराध के खिलाफ प्रभावी प्रहार किया है। बेढम ने कहा नए कानून में तकनीकी साक्ष्य पर बल है, जिससे गवाहों के मुकरने की संभावना कम हो जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि डिजिटल तरीके से साक्ष्य उपलब्ध होने पर अपराधियों को कड़ी सजा मिलेगी और कोई भी अपराधी अब बच नहीं पाएगा।
टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी और मॉनिटरिंग पर जोर—
भास्कर ए. सावंत ने कहा कि एक चुस्त-दुरुस्त आपराधिक न्याय प्रणाली स्थापित करने के लिए टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी और हार्डवेयर अपग्रेड आवश्यक हैं, जिसमें यूआईटी की अहम भूमिका है। उन्होंने पुलिस को आपराधिक न्याय प्रणाली का सबसे बड़ा स्तंभ बताया और आश्वस्त किया कि तंत्र को मजबूत करने के लिए आने वाले प्रस्तावों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। श्री सावंत ने मॉनिटरिंग की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसके लिए राज्य और जिला स्तर पर सिंपल डैशबोर्ड होना चाहिए ताकि तंत्र की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।
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शताब्दी का सबसे बड़ा परिवर्तन और नई शुरुआत—
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने नए आपराधिक कानूनों को शताब्दी का सबसे बड़ा परिवर्तन बताया, जो औपनिवेशिक कानून को बदलकर देश को अपने लोगों द्वारा बनाए गए कानून दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी इस बदलाव के पीछे की सोच को दर्शाती है। डीजीपी ने ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़कर नए कानून की बारीकियों को समझने के लिए पुलिसकर्मियों की सराहना की । उन्होंने जोर दिया कि यह समापन नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है, जिसमें पुलिस पारदर्शिता और तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को त्वरित और बेहतर न्याय दिलाना सुनिश्चित करेगी। शर्मा ने ‘राजस्थान पुलिस सेवार्थ कटिबद्धता’ का संकल्प दोहराया।आरंभ में आरपीए निदेशक एडीजीपी एस सेंगाथिर ने स्वागत उद्बोधन देते हुए प्रदर्शनी की विषयवस्तु और उपलब्धियों के बारे में बताया।
