Income Tax Notice

Income Tax Notice: टैक्सपेयर्स को क्यों धड़ाधड़ भेजे जा रहे नोटिस?

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Income Tax Notice: इनकम टैक्स विभाग देशभर में कर ट्रांजेक्शन्स पर कड़ी नजर रख रहा है।

Income Tax Notice: इनकम टैक्स विभाग देशभर में कर ट्रांजेक्शन्स (Transactions) पर कड़ी नजर रख रहा है। यदि कोई व्यक्ति टैक्स (Tax) बचाने के लिए अवैध तरीकों का सहारा लेता है, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। इन दिनों, इनकम टैक्स विभाग (Tax Department) द्वारा टैक्सपेयर्स को लगातार नोटिस (Notice) भेजे जा रहे हैं, और कुछ मामलों में तो 200 प्रतिशत तक का जुर्माना भी लगाया जा रहा है।
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आयकर विभाग (Income Tax Department) द्वारा भेजे जा रहे ये नोटिस (Notice) उन लोगों को जारी किए जा रहे हैं, जो इनकम टैक्स से बचने के लिए फर्जीवाड़े का सहारा ले रहे हैं। अक्सर देखा जाता है कि लोग टैक्स बचाने के लिए विभिन्न तरीके अपनाते हैं, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ जाती हैं। अब विभाग फर्जीवाड़ा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए दो सौ प्रतिशत तक का जुर्माना लग सकता है।

फर्जीवाड़े को रोकने के लिए यूज होगा नया सॉफ्टवेयर

फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आयकर विभाग (Income Tax Department) ने एक नए सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल शुरू किया है, जिससे करदाताओं द्वारा जमा किए गए फर्जी दस्तावेज़ों को पकड़ना और रोकना आसान हो गया है। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, विभाग उन टैक्सपेयर्स से दस्तावेज़ों की मांग कर रहा है जो टैक्स छूट के दावे से संबंधित हैं।

फेक डॉक्यूमेंट पर होगी कार्रवाई

आयकर विभाग (Income Tax Department) अब फेक दस्तावेज़ों पर सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। विभाग की नजर में उन दस्तावेज़ों में हाउस रेंट रसीद, ऑफिसियल ड्यूटी के लिए हेल्पर हायर करने की रसीद और होम लोन के ब्याज की रसीद शामिल हैं। ये नोटिस आयकर कानून की धारा 133(6) के तहत जारी किए जा रहे हैं, जिनमें टैक्स एसेसिंग ऑफिसर को किसी विशेष अवधि में किए गए ट्रांजैक्शन के बारे में जानकारी मांगने का अधिकार है।

टैक्स से मिलेगी छूट

इसके साथ ही, अगर कोई नौकरीपेशा (न) व्यक्ति घर किराए पर लेने पर टैक्स छूट का फायदा उठाता है तो उसे आईटी एक्ट (IT Act) की धारा 10(13A) के तहत राहत मिलती है। इस कानून के अनुसार अगर किराया सालाना एक लाख रुपये से ज्यादा है, तो मकान मालिक को पैन कार्ड देना होता है, जबकि 1 लाख रुपये से कम किराए पर पैन कार्ड की आवश्यकता नहीं होती है। ऐसे में कुछ लोग कम किराया दिखाकर फेक रेंट रसीद तैयार कराते हैं, लेकिन अब ऐसे लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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विभाग अब ऐसे लोगों की पहचान कर रहा है, जिनके पास अपना घर है, लेकिन वे भी रेंट स्लिप (Rent Slip) का इस्तेमाल कर टैक्स छूट ले रहे हैं। आयकर विभाग (Income Tax Department) अब कंप्यूटर डेटा की जांच भी करेगा, और इन लोगों को नोटिस भेजे जाएंगे। CBDT के सेंट्रल एक्शन प्लान के अनुसार, टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर टैक्स बेस बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जिससे इस तरह के फर्जीवाड़े में शामिल टैक्सपेयर्स को पकड़ा जा सके।