HDFC News: देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, HDFC बैंक ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है।
HDFC News: देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। बैंक ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.30 फीसदी की कटौती की है, जिसका सीधा असर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन (Personal Loan) की EMI पर पड़ेगा। यह बदलाव काफी लंबे समय बाद देखने को मिला है। ये नई दरें लागू हो चुकी हैं। पढ़िए पूरी खबर…

सभी अवधि के लिए MCLR में कटौती
एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने सभी अवधि की MCLR दरों में संशोधन करते हुए इन्हें घटाया है। अब ओवरनाइट और एक महीने की MCLR को 8.90 प्रतिशत से घटाकर 8.60 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, तीन महीने की दर 8.95 प्रतिशत से घटाकर 8.65 प्रतिशत कर दी गई है। छह महीने, एक साल और दो साल की अवधि के लिए अब नई MCLR दर 8.75 प्रतिशत होगी। इसके अलावा, तीन साल की MCLR को 9.10 प्रतिशत से घटाकर 8.80 प्रतिशत कर दिया गया है।
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एचडीएफसी बैंक एमसीएलआर – जुलाई 2025

ग्राहकों की EMI पर होगा सीधा असर
MCLR में कमी का सीधा असर उन ग्राहकों की EMI पर पड़ता है, जिन्होंने फ्लोटिंग रेट पर होम, पर्सनल या कार लोन लिया है। जब भी बैंक MCLR घटाता है, तो लोन की ब्याज दरें घटती हैं, जिससे मासिक किस्त कम हो जाती है।
RBI की रेपो रेट में कटौती के बाद राहत
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब तक 1% रेपो रेट में कटौती कर चुका है। इसके बाद देश के अधिकतर बैंक लोन और एफडी की ब्याज दरों में बदलाव कर रहे हैं। HDFC बैंक की यह घोषणा ग्राहकों के लिए एक बंपर राहत के रूप में देखी जा रही है।
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कैसे तय होता है MCLR?
MCLR को तय करने में बैंक की डिपॉजिट पर ब्याज दरें, आरबीआई की रेपो रेट, संचालन लागत और CRR (कैश रिजर्व रेशो) का असर होता है। जैसे ही रेपो रेट में बदलाव होता है, उसका प्रभाव MCLR पर भी पड़ता है, जिससे बैंक अपनी लोन दरें घटा या बढ़ा सकते हैं।
