Haryana News: 27 जून 2026: हरियाणा सरकार ने ईंधन बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए सरकारी विभागों में नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी विभागों को सरकारी वाहनों का सीमित उपयोग सुनिश्चित करने और ईंधन बचत के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद विभिन्न विभागों ने सरकारी वाहनों के उपयोग की समीक्षा शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य ईंधन की बचत, सरकारी खर्च में कमी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
सरकारी वाहनों के उपयोग पर सख्ती
मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत सरकारी वाहनों का इस्तेमाल केवल जरूरी सरकारी कार्यों और जनहित से जुड़े कामों के लिए किया जाएगा। अनावश्यक यात्राओं को कम करने और वाहनों के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने भी अपने विभागों में इस दिशा में कदम उठाए हैं। विभागीय समीक्षा के बाद लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से 9 और लोक निर्माण विभाग से 8 सरकारी वाहन तत्काल वापस लेने के आदेश जारी किए गए।
वर्चुअल बैठकों और वाहन पूलिंग को बढ़ावा
सरकार ने अधिकारियों को अधिकतम बैठकों का आयोजन वर्चुअल माध्यम से करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कारपूलिंग और वाहन पूलिंग जैसी व्यवस्थाओं को अपनाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।
अधिकारियों से कहा गया है कि जहां संभव हो, अनावश्यक यात्रा से बचें और डिजिटल माध्यमों का अधिक उपयोग करें। सरकार का मानना है कि इससे समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी।
ईंधन खर्च की होगी नियमित निगरानी
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद विभागीय अधिकारियों को सरकारी वाहनों की लॉग बुक और ईंधन खर्च की नियमित निगरानी करने के लिए भी कहा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी संसाधनों का उपयोग पारदर्शी और आवश्यकता के अनुसार ही हो।
सरकार का कहना है कि निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से अनावश्यक ईंधन खर्च पर नियंत्रण लगेगा और प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।
प्रधानमंत्री के आह्वान से जुड़ी पहल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की अपील से जोड़ा है। इससे पहले भी उन्होंने अपने सरकारी काफिले में वाहनों की संख्या कम करने, साइकिल चलाकर जागरूकता फैलाने और ट्रेन से यात्रा करने जैसे कदम उठाए थे।
सरकार का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर अपनाए जा रहे ये कदम ऊर्जा संरक्षण और जिम्मेदार शासन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में हैं।
संसाधनों के बेहतर उपयोग पर सरकार का जोर
हरियाणा सरकार का मानना है कि छोटे-छोटे प्रशासनिक सुधार भी बड़े स्तर पर ईंधन की बचत और सरकारी खर्च में कमी ला सकते हैं। इसी सोच के तहत विभागों को संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग, वर्चुअल बैठकों और कारपूलिंग जैसी पहल का प्रशासनिक खर्च और ईंधन खपत पर कितना असर पड़ता है। फिलहाल सरकार ने इसे सुशासन और ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
