UP News: बिजनौर, 17 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर और चांदपुर विधानसभा क्षेत्रों को 1,003 करोड़ रुपये से अधिक की 76 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, नियुक्ति पत्र और स्वीकृति पत्र भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों, किसानों के हितों और बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए लगातार काम कर रही है।
गंगा एक्सप्रेसवे और नर्सिंग कॉलेज की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गंगा एक्सप्रेसवे को बिजनौर से हरिद्वार तक जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके साथ ही जिले में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं, विशेषकर छात्राओं को नर्सिंग शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
गन्ना किसानों और विकास कार्यों पर जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गन्ना किसानों के हित में कई फैसले लिए हैं और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि बिजनौर में हाईवे, रेलवे, मेडिकल कॉलेज जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है और विकास की गति पहले की तुलना में तेज हुई है।
कानून-व्यवस्था और जनकल्याण योजनाओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत होने से व्यापार, पर्यटन और धार्मिक आयोजनों के लिए बेहतर माहौल बना है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभार्थियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
समाज में एकता बनाए रखने की अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से समाज को बांटने वाली प्रवृत्तियों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है और इसके लिए किसानों, युवाओं, महिलाओं तथा गरीब परिवारों के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
लाभार्थियों को वितरित किए गए नियुक्ति पत्र और सहायता राशि
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना, राष्ट्रीय आजीविका मिशन और अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र, स्वीकृति पत्र तथा आर्थिक सहायता के चेक भी वितरित किए।
