Haryana News: राखीगढ़ी बनेगा भारत की प्राचीन सभ्यता का वैश्विक केंद्र, विश्वस्तरीय संग्रहालय परियोजना को मिलेगी नई रफ्तार

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Haryana News: हरियाणा सरकार ने देश की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार स्थित राखीगढ़ी में विकसित किए जा रहे विश्वस्तरीय साइट म्यूज़ियम और इंटरप्रिटेशन सेंटर की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक धरोहर का वैश्विक प्रतीक बनना चाहिए।

विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित होगा परिसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय और इंटरप्रिटेशन सेंटर में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर आगंतुकों को सिंधु-सरस्वती सभ्यता के इतिहास, जीवनशैली और पुरातात्विक महत्व से परिचित कराया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य देश-विदेश के पर्यटकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करना है। इसके लिए सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता और समयसीमा के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए गए।

भारत की सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक धरोहरों में शामिल है राखीगढ़ी

राखीगढ़ी हरियाणा के हिसार जिले में स्थित सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में से एक है। यहां हुई खुदाई में प्राचीन नगर नियोजन, जल निकासी व्यवस्था, आवासीय संरचनाओं और कई ऐतिहासिक अवशेषों के प्रमाण मिले हैं। पुरातत्वविदों के अनुसार यह स्थल भारतीय उपमहाद्वीप की प्राचीन सभ्यता को समझने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद राखीगढ़ी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान हासिल करेगा। इससे न केवल सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, होटल, परिवहन और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। साथ ही हरियाणा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उनका कहना है कि राखीगढ़ी का विकास केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता को नई पीढ़ी और पूरी दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास है।