Hrayana News: हरियाणा सरकार ने कहा है कि वर्ष 2026-27 के बजट को तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की बड़ी भूमिका होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि इस बार बजट को जनता से जुड़े सुझावों के आधार पर बनाया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य है कि यह बजट केवल सरकार का दस्तावेज न होकर हरियाणा के लोगों की जरूरतों और उम्मीदों को दिखाए। इसके लिए आम लोगों, विधायकों और अलग-अलग वर्गों से राय ली जा रही है।
एआई की मदद से कैसे लिए जा रहे हैं सुझाव
सरकार ने एआई आधारित एक पोर्टल और मोबाइल ऐप शुरू किया है। इसके जरिए लोग सीधे अपने सुझाव सरकार तक पहुंचा सकते हैं। अब तक हजारों सुझाव मिल चुके हैं।
इन सुझावों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, खेती, उद्योग, महिला और युवा कल्याण जैसे विषय शामिल हैं। एआई की मदद से इन सभी सुझावों का तेजी से विश्लेषण किया जा रहा है।
जनता की सीधी भागीदारी
हरियाणा सरकार ने कई जिलों में बजट से पहले बैठकें भी की हैं। इन बैठकों में विधायक, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल हुए।
लोगों ने अपने क्षेत्र की समस्याएं और जरूरी मांगें रखीं। सरकार का कहना है कि इन सुझावों को बजट में शामिल करने की पूरी कोशिश की जाएगी।
बजट में एआई क्यों जरूरी है
एआई तकनीक से बड़ी संख्या में मिले सुझावों को समझना आसान हो जाता है। इससे यह पता चलता है कि किस क्षेत्र को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
सरकार मानती है कि एआई के इस्तेमाल से बजट ज्यादा पारदर्शी, असरदार और लोगों के हित में बनेगा।
सरकार का उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। इसमें विकास, रोजगार और जनकल्याण पर विशेष जोर रहेगा।
सरकार चाहती है कि हर वर्ग के लोग महसूस करें कि यह बजट उनके लिए है।
