एनएच-48 पर ट्रैफिक से मिलेगी राहत
Gurugram: दिल्ली और गुरुग्राम के बीच लगातार बढ़ते ट्रैफिक (Traffic) को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली-गुड़गांव राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) और उसके आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात की समस्याओं को दूर करने के लिए एनएचएआई (NHAI) लगभग 5 हजार करोड़ रुपये की लागत से एक सिग्नल-रहित एलिवेटेड कॉरिडोर (Elevated Corridor) का निर्माण करेगा। इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यात्रा समय को काफी कम करना और NCR क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाना है। पढ़िए पूरी खबर…

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परियोजना का मुख्य चरण शुरू, DPR तैयार हो रही
NHAI ने इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो वर्तमान में अपने मुख्य चरण में है। यह कदम दिल्ली और गुरुग्राम में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए सरकार की व्यापक योजना का हिस्सा है। परियोजना के पूरा होने से यात्रियों को तेज और बिना रुकावट वाला वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जो वर्तमान में अत्यधिक व्यस्त NH-48 के समानांतर चलेगा।
एलिवेटेड कॉरिडोर की खासियत
यह एलिवेटेड कॉरिडोर लगभग 20 किलोमीटर लंबा होगा और दक्षिण दिल्ली स्थित AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) से शुरू होकर गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड तक जाएगा, जो महिपालपुर बाईपास के समीप समाप्त होगा। कॉरिडोर अपनी पूरी लंबाई में ट्रैफिक लाइटों से मुक्त रहेगा और वसंत विहार, वसंत कुंज, ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू तथा नेल्सन मंडेला मार्ग से होकर गुजरेगा। प्रमुख स्थानों जैसे IGI हवाई अड्डा और इफको चौक चौराहे पर ऑफ-रैंप निकास की व्यवस्था होगी, जिससे यातायात का प्रवाह निर्बाध रहेगा और भीड़भाड़ को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा।
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NHAI का प्राथमिक लक्ष्य DPR को जल्द से जल्द पूरा करना है, जिसमें अंतिम लागत अनुमान, सटीक संरेखण और निर्माण समय सारणी शामिल होगी। यातायात वृद्धि और अन्य कनेक्टिंग परियोजनाओं के उद्घाटन के बाद वाहनों की संख्या में होने वाली बढ़ोतरी को देखते हुए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। एनसीआर क्षेत्र के निवासी और यात्री इससे यातायात समस्या के स्थायी समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।
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ट्रैफिक समस्या का स्थायी हल, विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना से न केवल यातायात में सुधार होगा, बल्कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से एनसीआर में समग्र विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा। लेकिन, निर्माण चरण के दौरान होने वाले किसी भी व्यवधान को न्यूनतम रखने के लिए इसकी सावधानीपूर्वक प्रबंधन बहुत आवश्यक होगा। गुरुग्राम और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत साबित होगी।
