Google: टेक्नोलॉजी जगत की दिग्गज कंपनी गूगल ने एक बार फिर बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की है।
Google: टेक्नोलॉजी जगत की दिग्गज कंपनी गूगल (Google) ने एक बार फिर बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की है। इस बार कंपनी की क्लाउड यूनिट (Cloud Unit) की डिजाइन और यूजर रिसर्च टीमों (Research Teams) पर इसका सबसे बड़ा असर पड़ा है, जहां से 100 से ज्यादा कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। गूगल अब अपने संसाधनों को तेज़ी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दिशा में शिफ्ट कर रहा है, जिसकी वजह से यह छंटनी की जा रही है। पढ़िए पूरी खबर…

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किन टीमों पर पड़ी सबसे ज्यादा मार?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस छंटनी से सबसे ज्यादा नुकसान ‘क्वांटिटेटिव यूजर एक्सपीरियंस रिसर्च’ और ‘प्लैटफॉर्म एंड सर्विस एक्सपीरियंस’ टीमों को हुआ है। ये टीमें यूजर्स का डेटा, सर्वे और डिजाइन रिसर्च कर यह समझने में मदद करती थीं कि लोग गूगल के प्रोडक्ट्स को कैसे इस्तेमाल करते हैं। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर गूगल की प्रोडक्ट रणनीति तय होती थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कई टीमों का आकार लगभग आधा कर दिया गया है, और ज़्यादातर प्रभावित कर्मचारी अमेरिका में आधारित हैं।
कर्मचारियों को मिला सीमित समय, नहीं तो बाहर जाना होगा
गूगल ने छंटनी किए गए कर्मचारियों को दिसंबर की शुरुआत तक का समय दिया है, जिससे वे कंपनी के भीतर कोई दूसरी भूमिका तलाश सकें। अगर वे ऐसा नहीं कर पाए, तो उन्हें बाहर जाना होगा। यह साफ है कि गूगल अब ऐसे रोल्स को प्राथमिकता नहीं दे रहा जो AI के परिप्रेक्ष्य में कम उपयोगी साबित हो रहे हैं।
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AI बन रहा है छंटनी की सबसे बड़ी वजह
गूगल 2025 की शुरुआत से ही AI तकनीक को लेकर काफी आक्रामक रुख अपना रहा है। कंपनी मानती है कि भविष्य की उत्पादकता और नवाचार की दिशा AI से होकर ही जाएगी। यही कारण है कि अब कई विभागों में कर्मचारियों को स्वेच्छा से कंपनी छोड़ने (Voluntary Exit) के विकल्प दिए जा रहे हैं। छोटे-छोटे मैनेजमेंट लेयर को हटाया जा रहा है और सभी कर्मचारियों से कहा जा रहा है कि वे अपने रोजमर्रा के कार्यों में AI टूल्स का इस्तेमाल शुरू करें।
HR से लेकर हार्डवेयर और फाइनेंस तक, हर विभाग पर असर
यह छंटनी सिर्फ क्लाउड या डिजाइन टीमों तक सीमित नहीं है। HR, हार्डवेयर, सर्च, एडवरटाइजिंग (Ads), फाइनेंस और कॉमर्स जैसे प्रमुख विभागों में भी कर्मचारियों को हटाया गया है या फिर अलग-अलग भूमिकाओं को मर्ज किया गया है। इससे साफ है कि गूगल की छंटनी की प्रक्रिया व्यापक स्तर पर चल रही है।

सुंदर पिचाई का साफ संदेश- ‘कम लोगों से ज्यादा काम’
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई (CEO Sundar Pichai) पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि कंपनी को अब और अधिक कुशल (Efficient) बनाना होगा। उन्होंने कर्मचारियों को यह साफ संकेत दिया है कि कंपनी अब कम हेडकाउंट के साथ ज्यादा आउटपुट चाहती है। एआई पर तेजी से हो रहे निवेश के चलते गूगल अब उन पदों को खत्म कर रहा है जो कंपनी के नए विज़न में फिट नहीं बैठते।
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टेक इंडस्ट्री में छंटनी का ट्रेंड, गूगल अकेला नहीं
गूगल इस छंटनी की राह पर अकेला नहीं है। जुलाई 2025 में माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने भी 9 हजार कर्मचारियों को निकाला था। वहीं, मेटा (Facebook की पैरेंट कंपनी) 2023 से अब तक कई चरणों में हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि पूरी टेक इंडस्ट्री अब तेजी से एआई और ऑटोमेशन की ओर बढ़ रही है, जिससे पारंपरिक नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है।
