Greater Noida West (

Greater Noida west: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के इस प्राइवेट स्कूल पर पेरेंट्स के गंभीर आरोप

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट
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Greater Noida West स्थित एक नामी प्राइवेट स्कूल पर अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला सर्वोत्तम इंटरनेशनल स्कूल से जुड़ा है, जहां कथित तौर पर कक्षा 7 के छात्रों को सजा के तौर पर तेज धूप में लंबे समय तक खड़ा रखा गया। गार्जियंस का कहना है कि इस सजा की वजह से कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें उल्टी, सिर दर्द और कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। घटना सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।

कक्षा में बात करने पर दी गई सजा

अभिभावकों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब कक्षा 7 के कुछ छात्र क्लास में आपस में बात कर रहे थे। इसी बात से नाराज होकर स्पोर्ट्स टीचर ने उन्हें सजा देने का फैसला लिया। बताया जा रहा है कि करीब 50 से ज्यादा बच्चों को लगातार दो पीरियड तक तेज धूप में खड़ा रखा गया। यह समय दिन का सबसे गर्म हिस्सा था, जिससे बच्चों को काफी परेशानी हुई।

गर्मी के कारण कई बच्चों की तबीयत बिगड़ी

गार्जियंस का कहना है कि तेज गर्मी और धूप में लंबे समय तक खड़े रहने के कारण कई बच्चों की तबीयत खराब हो गई।

कुछ बच्चों ने

  • उल्टी होने की शिकायत की
  • तेज सिर दर्द महसूस किया
  • चक्कर और कमजोरी की समस्या बताई

सबसे गंभीर आरोप यह है कि बच्चों की हालत बिगड़ने के बावजूद भी उन्हें तुरंत राहत नहीं दी गई और सजा जारी रखी गई।

स्पोर्ट्स टीचर पर लगा आरोप

अभिभावकों के मुताबिक, यह सजा स्कूल की स्पोर्ट्स टीचर द्वारा दी गई, जिनका नाम गुंजन बताया जा रहा है। इस घटना के बाद गार्जियंस में काफी नाराजगी देखने को मिली और उन्होंने स्कूल प्रशासन से जवाब मांगते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।

स्कूल प्रशासन ने शुरू की जांच

मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लिया है और अभिभावकों को आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यदि जांच में किसी की गलती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिष्ठित स्कूल की छवि पर उठे सवाल

सर्वोत्तम इंटरनेशनल स्कूल ग्रेटर नोएडा वेस्ट के प्रमुख और प्रतिष्ठित स्कूलों में गिना जाता है। आमतौर पर यह स्कूल अपनी शिक्षा, अनुशासन और बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के लिए जाना जाता है। लेकिन इस घटना ने स्कूल की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य किसी भी स्कूल की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। ऐसे मामलों में सख्त और संवेदनशील रवैया अपनाना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। अब सभी की नजर जांच के नतीजों पर है कि क्या इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होती है या नहीं।