Supertech: एक दशक से ज्यादा समय से फ्लैट मिलने का इंतजार कर रहे सुपरटेक के 16 प्रोजेक्टों में फ्लैट बुक कराने वाले करीब 51000 फ्लैट बायर्स के लिए राहत की खबर है। प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पंजाब नेशनल बैंक की तरफ से 2 हजार करोड़ की फंडिंग की बात सामने आ रही है। इससे सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को मजबूती मिलेगी जिसमें कोर्ट ने सुपरटेक के अधूरे पड़े 16 हाउसिंग प्रोजेक्टों को पूरा करने और जल्दी से जल्दी फ्लैट निर्माण का काम सरकारी उपक्रम एनबीसीसी को सौंप दिया था। अब लोगों को एनबीसीसी फ्लैट बनाकर देगी। शीर्ष अदालत ने एनसीएलएटी के आदेश को सही ठहराया है जिसमें सुपरटेक की 16 अधूरी आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी एनबीसीसी को दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सर्वोच्च अदालत ने ये सुनिश्चित करने के लिए कि एनबीसीसी के काम में कोई बाधा न आए और जल्दी से जल्दी अधूरे फ्लैटों का निर्माण हो, आदेश दिया है इस आदेश से सुपरटेक के करीब 51 हजार होमबायर्स को राहत मिली है, जो एक दशक से अधिक समय से कब्जे का इंतजार कर रहे थे. कोर्ट ने NBCC को दो साल में प्रोजेक्ट पूरा करने को कहा है. सुपरटेक ने अभी तक काम पूरा नहीं किया है और आरोप है कि कंपनी ने पैसा कहीं और ट्रांसफर कर दिया. कोर्ट ने NCLAT के आदेश को बरकार रखा है और कहा कि हमारे आदेश में कोई भी अदालत या फोरम दखल नहीं देगी.

कोर्ट ने पाया कि सुपरटेक परियोजनाओं को पूरा करने में विफल रही है और कंपनी पर धन के गबन के आरोप हैं. इसको देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें समय पर परियोजनाओं को पूरा करने और घर खरीदारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनबीसीसी को परियोजनाओं के हस्तांतरण को मंजूरी दी गई थी. सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका आदेश अंतिम और बाध्यकारी है और कोई भी कोर्ट या फोरम परियोजनाओं को पूरा करने के लिए जारी निर्देशों के कार्यान्वयन में हस्तक्षेप नहीं करेगा.
फेज-1
इको विलेज 2 सेक्टर 168 ग्रेटर नोएडा
रोमानो सेक्टर 118 नोएडा
केपटाउन सेक्टर 74 नोएडा
जार सुइट्स ग्रेटर नोएडा
इको विलेज 3 सेक्टर 16बी, ग्रेटर नोएडा
स्पोर्ट्स विलेज सेक्टर 10 ग्रेटर नोएडा
इको सिटी सेक्टर 137 नोएडा
फेज-2
नॉर्थ आई सेक्टर 74 नोएडा
अपकंट्री सेक्टर 17ए, यमुना एक्सप्रेसवे
इको विलेज 1 सेक्टर 1 ग्रेटर नोएडा
मेरठ स्पोर्ट्स सिटी मेरठ
ग्रीन विलेज मेरठ
फेज 3
हिल टाउन-गुरुग्राम
अरावली -गुरुग्राम
रिवरक्रेस्ट-रुद्रपुर
दून स्क्वायर -देहरादून
मिकासा-बेंगलुरु
क्या है सुपरटेक का प्लान?
कोर्ट ने कमेटी को भी एनबीसीसी को प्रोजेक्ट पूरा करने में मदद करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अपील और अर्जियों का निपटारा करते हुए पक्षकारों को छूट दी है कि प्रोजेक्ट में आने वाली किसी भी दिक्कत के लिए वे सुप्रीम कोर्ट आ सकते हैं।
इससे पहले मामले पर सुनवाई के दौरान सुपरटेक की ओर से पेश वकील ने अपना प्लान बताते हुए कोर्ट से कहा कि 16 प्रोजेक्टों में से कई में 80 फीसद काम हो चुका है और बाकी बचा काम भी वो 24 महीने में पूरा कर देगा।
