Greater Noida West के महागुण मंत्रा-2 प्रोजेक्ट के निवासियों के लिए राहत भरी खबर आने वाली है।
Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के महागुण मंत्रा-2 (Mahagun Mantra-2) प्रोजेक्ट के निवासियों के लिए राहत भरी खबर आने वाली है। गंगा और गायत्री टावर के फ्लैट खरीदार (Flat Buyer), जो लंबे समय से रजिस्ट्री की प्रतीक्षा कर रहे हैं, अब उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द ही उन्हें अपना हक मिल सकता है। शनिवार को करीब 50 फ्लैट खरीदार बिल्डर (Builder) के नोएडा स्थित कार्यालय पहुंचे और एक बार फिर रजिस्ट्री की मांग दोहराई।

30 नवंबर तक मिल सकती है राहत
फ्लैट खरीदारों (Flat Buyers) ने कहा कि बिल्डर की ओर से उन्हें जानकारी दी गई है कि गंगा और गायत्री टावरों के लिए भूमि भुगतान के विरुद्ध जमा राशि के परिमाणीकरण को लेकर सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को आवेदन किया जाएगा। साथ ही, 25 से 30 नवंबर के बीच बकाया राशि और समय विस्तार शुल्क का भुगतान करने की बात भी कही गई है। खरीदारों का कहना है कि अगर बिल्डर अपने वादे पर कायम रहता है तो इस महीने के अंत तक रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना बन सकती है।
उम्मीद तो जगी, लेकिन भरोसा अधूरा
निवासियों ने कहा कि बिल्डर के इस आश्वासन से उन्हें थोड़ी राहत मिली है, लेकिन भरोसा तभी होगा जब रजिस्ट्री की प्रक्रिया वास्तव में शुरू होगी। खरीदारों का आरोप है कि बिल्डर ने बिना रजिस्ट्री के पजेशन दे दिया और अब हर महीने मेंटेनेंस शुल्क वसूल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों से उन्हें सिर्फ ‘तारीख पर तारीख’ दी जा रही है और अब वे केवल ठोस कार्रवाई चाहते हैं।
बिल्डर पर टालमटोल का आरोप
फ्लैट खरीदारों (Flat Buyers) ने कहा कि बिल्डर अब तक प्राधिकरण का बकाया भुगतान करने में देरी कर रहा है। उनका कहना है कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई पिछली बैठक में भी बिल्डर ने झूठे आश्वासन दिए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। निवासियों ने मांग की है कि प्राधिकरण को इस मामले में सख्ती दिखानी चाहिए जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया जल्द शुरू हो सके।
निवासियों ने दी चेतावनी- हर सप्ताह होगा प्रदर्शन
महागुण मंत्रा-2 (Mahagun Mantra-2) के निवासियों ने चेतावनी दी है कि जब तक रजिस्ट्री शुरू नहीं होती, वे हर सप्ताह प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि अब वे अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। खरीदारों का कहना है कि वे वर्षों से अपने घर की कानूनी मान्यता का इंतज़ार कर रहे हैं और अब समय आ गया है कि बिल्डर और प्राधिकरण अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
